दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली के संरक्षण और पुनर्विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शाहजहानाबाद री-डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (Indraprastha Heritage Redevelopment Corporation) कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य राजधानी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को उसके मूल स्वरूप के अनुरूप संरक्षित करना और आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने कहा कि इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम के माध्यम से पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए उसके समग्र विकास की व्यापक और गंभीर पहल शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार विरासत संरक्षण और आधुनिक शहरी विकास के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (IVPN) की चेयरपर्सन और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में निगम की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में पुरानी दिल्ली के समग्र पुनर्विकास, विरासत संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के दौरान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखा जाएगा, साथ ही नागरिक सुविधाओं को भी आधुनिक बनाया जाएगा। बैठक में चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। सरकार का उद्देश्य ऐतिहासिक बाजार की विरासत को संरक्षित रखते हुए वहां पैदल यात्री सुविधाओं, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाना है, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को बेहतर अनुभव मिल सके।
चांदनी चौक में बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चांदनी चौक के पुनर्विकास का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाए, जिससे बाजार की ऐतिहासिक पहचान, पारंपरिक स्वरूप और सांस्कृतिक गरिमा पूरी तरह परिलक्षित हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में विरासत संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदनी चौक में प्रतिदिन लाखों लोगों की आवाजाही होती है। इसे देखते हुए क्षेत्र में आधुनिक और उपयोगी सार्वजनिक शौचालय (टॉयलेट ब्लॉक) विकसित किए जाएं तथा नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पैदल यात्रियों की सुविधाएं और अन्य बुनियादी सेवाओं को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय व्यापारियों, निवासियों और पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
ऐतिहासिक टाउन हॉल के पुनर्विकास की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में चांदनी चौक की ओर से एक प्रमुख प्रवेश और निकास मार्ग भी विकसित किया जाए। उनका कहना था कि इससे ऐतिहासिक टाउन हॉल तक पर्यटकों और आम लोगों की पहुंच आसान होगी और इसकी पहचान एक प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत होगी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विरासत संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के हितों का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्विकास की प्रक्रिया इस तरह होनी चाहिए कि ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण भी सुनिश्चित हो और क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय व्यापारिक संगठनों और दुकानदारों के सुझावों को भी महत्व दिया जाए, ताकि विरासत संरक्षण और व्यापारिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर क्षेत्र का समग्र विकास किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदनी चौक के पुनर्विकास की पूरी योजना बाजारों, व्यापारियों, पर्यटकों, खरीदारों और स्थानीय निवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों के दौरान विरासत संरक्षण, व्यापारिक गतिविधियों और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य चांदनी चौक को ऐसा आधुनिक और सुव्यवस्थित क्षेत्र बनाना है, जहां ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रहे और व्यापार तथा पर्यटन दोनों को नई गति मिले।
टूरिस्ट कंट्रोल रूम, पार्किंग से लेकर जामा मस्जिद तक विकास का प्लान
देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए बाजार में एक टूरिस्ट कंट्रोल रूम बनाया जाए, जहां उन्हें जरूरी जानकारी, मार्गदर्शन और आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। बैठक में क्षेत्र में सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि स्थानीय लोगों, व्यापारियों, खरीदारों और पर्यटकों को वाहन पार्किंग और आवाजाही में परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर और उसके पीछे के क्षेत्र के विकास का विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जाए। इसके साथ ही जामा मस्जिद क्षेत्र और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास की व्यापक कार्ययोजना भी तैयार की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास योजनाओं में विरासत संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। सरकार का उद्देश्य ऐसा मॉडल तैयार करना है, जिसमें ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण भी हो और नागरिक सुविधाओं का विस्तार भी सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और पर्यटकों सभी को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सुनियोजित पुनर्विकास के जरिए पुरानी दिल्ली को एक विश्वस्तरीय विरासत क्षेत्र (World-Class Heritage Zone) के रूप में नई पहचान दिलाई जा सकती है।
7.12 वर्ग किमी में फैली है पुरानी दिल्ली
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पुरानी दिल्ली लगभग 7.12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। करीब 350 वर्ष से अधिक पुराने इस ऐतिहासिक शहर में एक विश्व धरोहर स्थल, 10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक, 10 राज्य संरक्षित स्मारक और 700 से अधिक स्थानीय स्तर पर संरक्षित विरासत स्थल मौजूद हैं। अधिकारियों के अनुसार, पुरानी दिल्ली में प्रतिदिन लाखों लोग खरीदारी, व्यापार, धार्मिक दर्शन और पर्यटन के उद्देश्य से पहुंचते हैं। यही वजह है कि इस ऐतिहासिक क्षेत्र का सुनियोजित और संतुलित विकास समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। बैठक में कहा गया कि पुनर्विकास का उद्देश्य केवल विरासत स्थलों का संरक्षण नहीं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर बनाना है। सरकार चाहती है कि पुरानी दिल्ली अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस एक विश्वस्तरीय विरासत क्षेत्र के रूप में विकसित हो।
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