आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने इथेनॉल के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आलोचना तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में जनता की बात सुनने को तैयार नहीं है और लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है। केजरीवाल ने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर लोगों की राय और विशेषज्ञों की सलाह को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका दावा है कि इथेनॉल से जुड़े मामले में सरकार जनता की बात नहीं मान रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के इस रवैये को ‘अहंकार’ करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए और फैसले व्यापक हित को ध्यान में रखकर लेने चाहिए।
इतना अहंकार ठीक नहीं’, PM से बोले केजरीवाल
केजरीवाल ने दावा किया कि मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि लोगों को कोई दूसरा विकल्प नहीं दिया जाएगा और E20 ईंधन को सस्ता भी उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं कि उनकी गाड़ियों की माइलेज प्रभावित हो रही है, लेकिन सरकार उनकी बात मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने PM Narendra Modi से अपील करते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि इतना अहंकार ठीक नहीं है। जब इतने करोड़ों लोग सवाल उठा रहे हैं तो उनकी बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। लोगों की आवाज सुनिए, नहीं तो यह ठीक नहीं है।”
तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तेल कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों से तेल कंपनियों को मुनाफा कमाने का अवसर मिल रहा है, जबकि आम लोगों को महंगे ईंधन का बोझ उठाना पड़ रहा है। केजरीवाल ने मांग की थी कि सरकार पेट्रोल की कीमतों में कटौती करे। उनका कहना था कि पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 82 रुपये प्रति लीटर की जानी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहे तो ईंधन की कीमतें कम करना संभव है और इसका सीधा लाभ करोड़ों वाहन चालकों को मिलेगा।
पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर करने की मांग
अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन भारत में मई से पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। केजरीवाल ने कहा, “मेरी मांग है कि पेट्रोल का दाम घटाकर 82 रुपये प्रति लीटर किया जाए और डीजल की कीमत भी कम की जाए।” उनका तर्क था कि यदि पेट्रोल और डीजल सस्ते होंगे तो परिवहन लागत घटेगी, जिससे महंगाई पर भी असर पड़ेगा और आम लोगों को राहत मिलेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कम-से-कम 6 बार बड़ी गिरावट आई, लेकिन सरकार ने उसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाया। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि उन वर्षों में तेल कंपनियों और सरकार द्वारा अर्जित ‘बंपर मुनाफे’ का क्या हुआ। उन्होंने कहा कि किसी भी कंपनी को अनुचित मुनाफा कमाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन मौजूदा ऊंची ईंधन कीमतों के कारण तेल कंपनियों को इसका लाभ मिल रहा है। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से ईंधन की कीमतों की समीक्षा कर आम जनता को राहत देने की मांग दोहराई।
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