सुरेश पांडेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में धिरौली रेल मार्ग परियोजना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कोल यार्ड के लिए सैकड़ों पेड़ों की कटाई की तैयारी की जा रही थी। मुआवजे की प्रक्रिया और जनसुनवाई की मांग को लेकर ग्रामीण मौके पर डट गए, जिसके बाद काम रोकना पड़ा।

READ MORE: अवमानना मामले में हाई कोर्ट सख्त: ACS, प्रमुख सचिव और कृषि संचालक के खिलाफ जमानती वारंट जारी, 15 जुलाई को पेश होने के निर्देश

सिंगरौली जिले में धिरौली रेल मार्ग परियोजना के तहत चल रहे कार्य के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब ग्रामीणों ने पेड़ों की कटाई का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 350 पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही थी, जिसका उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध किया।

READ MORE: स्पा सेंटर में चल रहा था अनैतिक खेल: आपत्तिजनक सामग्री के साथ ग्राहक और 3 युवतियां गिरफ्तार

ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से प्रभावित होने वाली भूमि और संपत्तियों के मुआवजे की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। उनका आरोप है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस नियम के तहत मुआवजा तय किया गया है और किस प्रभावित व्यक्ति को कितना भुगतान किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले जनसुनवाई आयोजित की जाए, जिसमें भू-अर्जन अधिकारी, कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहकर लोगों की आपत्तियों और सवालों का जवाब दें।

READ MORE: पूर्व आबकारी अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें: लोकायुक्त के बाद अब ED का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच शुरू 

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कई बार कलेक्टर और भू-अर्जन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पुलिस बल और निजी सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में कार्य कराने से क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। हालांकि, इस पूरे मामले में कंपनी और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m