प्रतीक पटनायक, धमतरी। जिले में दो अलग-अलग मांगों को लेकर आज कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। एक ओर बड़ी संख्या में अशासकीय शिक्षकों ने स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश मितानिन संघ के बैनर तले सैकड़ों मितानिनों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। दोनों ही प्रदर्शनों में संगठनों ने प्रशासन से जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

किताबों की कमी पर कलेक्ट्रेट का किया घेराव
जिले के सैकड़ों अशासकीय शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। शिक्षकों का आरोप है कि स्कूल खुलने के बाद भी पाठ्यपुस्तक निगम की ओर से समय पर किताबें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मांगों के समर्थन में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द पुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

दरअसल, जिले भर से पहुंचे अशासकीय शिक्षक बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इस दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और पाठ्यपुस्तकों की कमी को लेकर अपनी नाराजगी जताई। शिक्षकों का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन अब तक सभी विद्यार्थियों को आवश्यक पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं।
स्कूलों में जल्द किताबें उपलब्ध कराने की मांग
अशासकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पुस्तकों की अनुपलब्धता का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि पाठ्यपुस्तक निगम जल्द से जल्द सभी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में किताबें उपलब्ध कराए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन करते हुए रायपुर स्थित पाठ्यपुस्तक निगम कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने और उचित कार्रवाई के लिए अग्रेषित करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, समय पर पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता को लेकर शिक्षक संगठन आंदोलन के मूड में नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मितानिनों का प्रदर्शन
वहीं प्रदेश मितानिन संघ के बैनर तले सैकड़ों जिले भर से बड़ी संख्या में मितानिनों ने भी कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मितानिनों ने जमकर नारेबाजी की और शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की।

ये हैं मितानिनों की मांगें
मितानिनों की प्रमुख मांगों में एमटी, बीसी और एचएफ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन किया जाना, क्षतिपूर्ति मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि और ठेका प्रथा को समाप्त करना शामिल है। प्रदर्शन के दौरान मितानिनों ने कहा कि उनकी ये मांगें चुनाव के दौरान की गई गारंटियों में शामिल थीं, लेकिन अब तक इन्हें पूरा नहीं किया गया है। इसी के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत धमतरी में यह प्रदर्शन किया गया है।

मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
मितानिनों ने शासन से जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग करते हुए कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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