गोहाना: पूरा देश जहां रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते की खुशियां मना रहा था, वहीं हरियाणा के गोहाना में बिजली के करंट ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। खेत की बिजली लाइन में फॉल्ट ठीक करने के दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई। इसकी चपेट में आने से एक बिजली कर्मचारी और किसान की मौके पर ही मौत हो गई।

दर्दनाक हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे मुड़लाना के सिवानका रोड स्थित एक खेत में हुआ। मृतकों की पहचान गांव सिवानका निवासी बिजली कर्मचारी सौरभ और गांव मुड़लाना निवासी किसान जोगिंद्र के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि किसान जोगिंद्र ने अपने खेत की बिजली लाइन में फॉल्ट होने की शिकायत बिजली विभाग में दी थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग का कर्मचारी सौरभ फॉल्ट ठीक करने के लिए खेत में पहुंचा था।

जानकारी के मुताबिक, सौरभ जब बिजली लाइन में खराबी दूर करने का काम कर रहा था, तभी उसने खेत में मौजूद किसान जोगिंद्र से मदद मांगी। दोनों फॉल्ट ठीक करने में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई बहाल हो गई और दोनों करंट की चपेट में आ गए।

बिजली का करंट इतना तेज था कि दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। रक्षाबंधन के दिन हुई इस घटना की खबर जैसे ही दोनों गांवों में पहुंची, वहां मातम पसर गया।

परिजनों ने उठाए बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि बिजली फॉल्ट को लेकर विभाग में दो बार शिकायत की गई थी।

परिजनों के मुताबिक, गांव में आमतौर पर करीब 11 बजे बिजली सप्लाई आती है, लेकिन हादसे वाले दिन सुबह करीब 10 बजे ही बिजली चालू हो गई। उनका आरोप है कि फॉल्ट ठीक करने के दौरान कर्मचारी और किसान के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बिजली सप्लाई अचानक कैसे चालू हुई और हादसे के लिए किसी की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

रक्षाबंधन के दिन हुए इस दर्दनाक हादसे ने सिवानका और मुड़लाना गांव के दो परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी टीस लंबे समय तक बनी रहेगी।