Business Desk – Gold Silver Investment 2026 : सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. ग्लोबल मार्केट में सोना करीब दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जबकि चांदी में 1.7% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई है.

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग और अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले निवेशकों की नजरें गोल्ड पर टिकी हैं. जानकारों का मानना है कि फिजिकल डिमांड और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी सोने को मजबूत सपोर्ट दे रही है.

घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी का असर दिखा है. दिल्ली में 24 कैरेट सोना 800 रुपए महंगा होकर 10 ग्राम के लिए 1.47 लाख रुपए पहुंच गया है. वहीं, कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने आज MCX गोल्ड और सिल्वर में खरीदारी की सलाह दी है.

COMEX पर सोना और चांदी दोनों में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड फ्यूचर्स 1.17% की बढ़त के साथ 4,124 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है. कारोबार के दौरान इसने 4,128.40 डॉलर प्रति औंस का इंट्राडे हाई भी बनाया. वहीं COMEX सिल्वर 1.70% की तेजी के साथ 60.115 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया.

घरेलू बाजार में भी महंगा हुआ सोना

विदेशी बाजारों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया. दिल्ली में सोने की कीमत 800 रुपए बढ़कर 10 ग्राम के लिए 1.47 लाख रुपए हो गई. वहीं, सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक मंगलवार (21 जुलाई) को ग्लोबल संकेत मजबूत रहने और फिजिकल डिमांड बढ़ने के बावजूद चांदी 2.21 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही.

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

सोने की तेजी की सबसे बड़ी वजह सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग है. पश्चिम एशिया में तनाव उस समय और बढ़ गया, जब खबर आई कि सऊदी अरब से एशिया जा रहे दो तेल टैंकरों को यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की धमकियों के बाद लाल सागर में अपना रास्ता बदलना पड़ा. इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी और निवेशकों ने सोने की ओर रुख किया.

हालांकि, तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं. ईरान बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की मदद भी ले रहा है, लेकिन निवेशक अभी भी हालात पर सतर्क नजर बनाए हुए हैं.

फेडरल रिजर्व की बैठक पर बाजार की नजर

निवेशक अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक का भी इंतजार कर रहे हैं. बाजार को उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा. हालांकि, निवेशकों की नजर फेड के बयान और भविष्य के संकेतों पर रहेगी, क्योंकि इन्हीं के आधार पर आगे सोने की चाल तय हो सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्याज दरें बढ़ने पर बॉन्ड और फिक्स्ड इनकम निवेश आकर्षक हो जाते हैं, जिससे सोने की मांग घट सकती है. वहीं, ब्याज दरों में नरमी या कटौती के संकेत सोने को मजबूती देते हैं.

फिजिकल डिमांड और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी से मिला सपोर्ट

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक कारणों के अलावा फिजिकल गोल्ड की मजबूत खरीदारी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया है. चीन जैसे बड़े उपभोक्ता देशों में सोने की मांग बनी हुई है. इसके साथ ही पिछले कुछ महीनों से सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी भी बुलियन की कीमतों को सपोर्ट दे रही है. चांदी को भी इंडस्ट्रियल डिमांड का फायदा मिल रहा है. इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और क्लीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग से चांदी की कीमतों को मजबूती मिली है.

जानकारों की राय

LKP सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एवं करेंसी) और वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद सोने में बिकवाली का दबाव कम हुआ है. अमेरिका-ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर नई खरीदारी आई, जिससे कीमतों में तेजी लौटी.

उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों की सोने में दिलचस्पी बढ़ाई है. तकनीकी नजरिए से उनका अनुमान है कि MCX गोल्ड अगले कुछ सत्रों में 1.41 लाख रुपए से 1.45 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है.

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि हालिया तेजी को मजबूत फिजिकल डिमांड और सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी का भी समर्थन मिला है.

आज कमोडिटी में कहां है कमाई का मौका?

केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने आज के लिए MCX गोल्ड और सिल्वर में खरीदारी की सलाह दी है. MCX गोल्ड: 1 लाख 42 हजार 500 रुपए के आसपास खरीदें, स्टॉप लॉस 1 लाख 41 हजार 500 रुपए, टारगेट 1 लाख 44 हजार रुपए. MCX सिल्वर: 2 लाख 23 हजार रुपए के आसपास खरीदें, स्टॉप लॉस 2 लाख 21 हजार रुपए, टारगेट 2 लाख 28 हजार रुपए.