अजय सैनी, भिवानी। महाकाल के दर्शन करने वाले। भक्तों व कोटा में कोचिंग लेकर भविष्य संवारने वाले विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। अगले कुछ दिनों में भिवानी से इंदौर के बीच रेवाड़ी, अलवर, बांदीकुई, दोसा, पीपलाई, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, नागदा, उज्जैन व देवास के रास्ते इंदौर के लिए सीधी रेल सेवा शुरू हो जाएगी। यह एक्सप्रेस गाड़ी एक साथ हरियाणा, राजस्थान, व मध्य प्रदेश तीन राज्यों को एक सूत्र में पिरोयेगी।

यह गाड़ी भिवानी से इंदौर के बीच 12:30 घंटे में अपना सफर तय करेगी। जबकि इंदौर से भिवानी के बीच का सफर वापसी में 13 घंटे में तय करेगी। इस गाड़ी की प्रस्तावित समयसारणी भी आ गई है।

प्रस्तावित समयसारिणी के अनुसार भिवानी- इंदौर एक्सप्रेस, भिवानी जंक्शन से प्रतिदिन सायं 18:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन प्रातः 7:00 बजे इंदौर पहुंचेगी। यह गाड़ी मध्यरात्रि के बाद 2:40 बजे कोटा पहुंचेगी और सुबह 5:35 बजे महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचेगी और 7:00 बजे इंदौर।

इंदौर से यह एक्सप्रेस गड़ी रात को 21:00 बजे रवाना होगी और 22:30 बजे उज्जैन पहुंचकर22:35 रवाना होगी। यह एक्सप्रेस गाड़ी मध्यरात्रि के बाद 2:00 बजे कोटा पहुंचेगी और 2:10 पर भिवानी के लिए रवाना होगी और प्रातः 10:00 बजे भिवानी पहुंच जाएगी।

भिवानी से इंदौर जाते वक्त यह एक्सप्रेस 12:30 घंटे का समय लेगी, जबकि इंदौर से भिवानी आते वक्त यह घड़ी 13.00 घंटे का समय लेगी। भिवानी इंदौर एक्सप्रेस चलने से रेवाड़ी, अलवर, गंगापुर सिटी।, कोटा, उज्जैन और इंदौर जुड़ जाएंगे।

राजस्थान का रणथंभौर, वन्यजीवों का आश्रय स्थल है और लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी। इस गाड़ी के चलने से रणथंभौर भी नजदीक हो जाएगा। इतना ही नहीं दौसा- गंगापुर सिटी रेल मार्ग का भी बेहतर उपयोग हो पाएगा।

रेल सुविधाओं को लेकर निरंतर संघर्ष करने वाले कृष्ण मेहता, राजीव अरोड़ा और डॉ हरीश गोस्वामी का कहना है कि भिवानी से कोटा के बीच अतीत में भी एक एक्सप्रेस। गाड़ी चलाने का प्रस्ताव था।

इस एक्सप्रेस गाड़ी की भी समय सारणी सार्वजनिक रूप से घोषित की गई थी, लेकिन ऐन समय पर पैरवी कमजोर होने के कारण इस गाड़ी का मार्ग बदल दिया गया और भिवानी वासी एक गाड़ी से चूक गए। रेल मंत्रालय दिल्ली व नई दिल्ली में आठ घंटे से अधिक ठहराव करने वाली 7 गाड़ियों को विमान तक विस्तार देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, क्योंकि दिल्ली में गाड़ियों को खड़ा करने के लिए जगह का अभाव है,

इसीलिए यह विचार किया जा रहा है कि दिल्ली से भिवानी की दूरी मात्र ढाई तीन घंटे की है। यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिल जाएगी और दिल्ली में गाड़ियों का दबाव कम हो जाएगा। सूत्र बताते हैं कि भिवानी से आगरा,सिकंदराबाद,, पटना,ग्वालियर, भोपाल,चेन्नई व कोलकाता के लिए गाड़ियां चल सकती हैं।

देर आए दुरुस्त आए

भिवानी वासियों को भिवानी से इंदौर के बीच एक्सप्रेस गाड़ी के चलने से अनेक जगह की सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। खासतौर पर भिवानी निवासी उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए जाते हैं और सैकड़ों विद्यार्थी कोटा के विभिन्न संस्थानों में कोचिंग लेकर भविष्य संवारने के लिए आवागमन करते रहते हैं। इन सबके लिए भिवानी इंदौर एक्सप्रेस रेल सुविधा वरदान साबित होगी।