अनुज पांडेय/गोपालगंज। ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष की तपिश अब बिहार के गोपालगंज तक पहुंच गई है। इस अंतरराष्ट्रीय जंग में गोपालगंज जिले के थावे बाजार का एक होनहार युवक असमय काल के गाल में समा गया। मंगलवार की भोर में आई इस मनहूस खबर के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान थावे बाजार निवासी स्थानीय व्यवसायी संजय गुप्ता के पुत्र सोनू कुमार गुप्ता के रूप में की गई है।
​मिली जानकारी के अनुसार, सोनू कुमार गुप्ता दुबई में एक मर्चेंट शिप पर कार्यरत था। मंगलवार की सुबह स्वजन को सूचना मिली कि ईरान-अमेरिका संघर्ष के दौरान हुए एक हमले में सोनू की मौत हो गई है। यह खबर मिलते ही हंसते-खेलते परिवार में चीख-पुकार मच गई। कलेजे के टुकड़े को खोने की खबर से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

​सुबह से बंद रही पिता की दुकान, सांत्वना देने पहुंचे लोग

​सोनू के पिता संजय गुप्ता की थावे बाजार में जूता-चप्पल की दुकान है। बेटे की असमय मौत की खबर पाकर मंगलवार सुबह से ही दुकान बंद रही। घटना की जानकारी जैसे ही बाजार में फैली, हर कोई स्तब्ध रह गया। रिश्तेदार, परिचित और भारी संख्या में स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंचने लगे। पूरे थावे बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।

​पार्थिव शरीर की वापसी का इंतजार

​सोनू की मौत की खबर के बाद से ही घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। इस गहरे दुख के बीच अब पीड़ित परिवार की नजरें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं। फिलहाल परिवार को आधिकारिक स्तर पर सोनू के शव को वतन वापस लाने की प्रक्रिया और अन्य जरूरी औपचारिकताओं से जुड़ी पुख्ता जानकारी का इंतजार है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भारत सरकार से मांग की है कि मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव थावे लाने की व्यवस्था की जाए।