गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तिरंगा भारत के आन, बान और शान की पहचान है. देश को आजादी ऐसे ही नहीं मिली, इसके लिए स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया. ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत सोमवार को गोरखपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के आंदोलन में उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगल पांडेय की लगाई चिंगारी से लेकर गोरखपुर के शहीद बंधु सिंह, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर-कानपुर के तात्या टोपे और मेरठ के धनसिंह कोतवाल तक, आजादी की लड़ाई गांवों से निकलकर पूरे देश में पहुंची. चौरी-चौरा की घटना ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी और काकोरी ट्रेन एक्शन ने क्रांतिकारी आंदोलन को नई धार दी.

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‘डकैती’ नहीं था काकोरी ट्रेन एक्शन

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंग्रेजों ने काकोरी ट्रेन एक्शन को डकैती बताया था. दुर्भाग्य यह रहा कि लंबे समय तक इतिहास में भी इसे इसी नजरिए से पढ़ाया गया. उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों का पैसा लूटा नहीं था, बल्कि भारत से लूटकर ले जाए जा रहे धन को वापस हासिल करने का साहसिक प्रयास किया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भी अनेक क्रांतिकारियों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे. उनकी स्मृतियों और योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया. अब देश उन वीरों के योगदान को सामने ला रहा है और उन्हें सम्मान दिया जा रहा है.

‘हर घर तिरंगा’ से जुड़ी आजादी की विरासत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आम नागरिकों को अपने घर पर राष्ट्रध्वज लगाने के अधिकार के लिए अदालत तक जाना पड़ता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से तिरंगे को हर भारतीय के घर और दिल तक पहुंचाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि आज की तिरंगा यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि उन अनगिनत क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया. इस दौरान सांसद व अभिनेता रवि किशन के साथ कई विधायकों और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया.