सतीश सिंह, गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि गोरखपुर महानगर में किसी भी दशा में जलभराव की समस्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम को देखते हुए जलनिकासी की सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं और कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए. लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
बुधवार को एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले के विकास कार्यों, बाढ़ बचाव और जलनिकासी की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने नालों और नालियों की नियमित सफाई, अतिक्रमण हटाने और नगर निगम के सभी पंपों को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता भी बताई, ताकि नाले चोक न हों.
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सीएम योगी ने राप्ती कॉम्प्लेक्स, गोरक्ष एंक्लेव, विजय चौराहा और धर्मशाला क्षेत्रों में हुए जलभराव की जानकारी लेते हुए कहा कि नालों की सफाई के बाद उन्हें ढका जाए तथा लोगों को भी नालियों में कूड़ा न डालने के लिए जागरूक किया जाए. उन्होंने वार्डों, मलिन बस्तियों और खाली भूखंडों में नियमित सफाई, छिड़काव और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने बेसहारा गोवंश और आवारा कुत्तों के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्ट्रीट लाइटों और सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त रखने और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए.
बाढ़ से बचाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तटबंधों की नियमित पेट्रोलिंग, बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने और राहत केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों से पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए.


