गोरखपुर. कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (KGBV) से मंगलवार रात गायब हुईं तीन नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने महज 15 घंटे में बिहार से बरामद कर लिया. पुलिस की पांच टीमों ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद छात्राओं तक पहुंच बनाई.

मामला राजघाट थाना क्षेत्र का है, जहां हॉस्टल से मंगलवार रात करीब 8:30 बजे तीन छात्राएं अचानक लापता हो गई थीं. छात्राओं के गायब होने की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थानों की टीमें तलाश में जुट गईं.

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हाई-फाई जिंदगी का सपना, नौकरी के लिए निकलीं छात्राएं

पुलिस पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि वे भविष्य में कार और बंगले वाली जिंदगी जीना चाहती थीं. उनका सपना था कि नौकरी करके जल्दी पैसा कमाएं और अपनी जिंदगी बदलें. छात्राओं ने बताया कि इसी सोच के चलते उन्होंने हॉस्टल से बाहर निकलने का फैसला किया. हालांकि बरामद होने के बाद उन्होंने माना कि उनका फैसला गलत था और उनका सपना टूट गया.

पॉकेट मनी लेकर पहुंचीं रेलवे स्टेशन, फिर बिहार की बस पकड़ी

पुलिस के मुताबिक तीनों छात्राओं की उम्र 13, 16 और 17 वर्ष है. हॉस्टल से निकलते समय उनके पास पॉकेट मनी थी. तीनों पहले रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास घूमती रहीं. इसके बाद एक छात्रा अपने रिश्तेदार के घर सिंघड़िया चली गई, जबकि दो छात्राएं नंदानगर बस स्टैंड पहुंचीं और वहां से बिहार के गोपालगंज जाने वाली बस पकड़ ली.

150 CCTV कैमरों से खुला रास्ता, पुलिस पहुंची बिहार

छात्राओं की तलाश में पुलिस ने शहर के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच में दोनों छात्राएं नंदानगर इलाके में दिखाई दीं. इसके बाद पुलिस टीम ने वहां से जानकारी जुटाई और पता चला कि छात्राएं गोपालगंज गई हैं. टीम जब वहां पहुंची तो जानकारी मिली कि वे गोरखपुर लौटने वाली बस में बैठ चुकी हैं. पुलिस ने बस स्टैंड पर टीम तैनात कर दोनों छात्राओं को बुधवार शाम करीब 6 बजे बरामद कर लिया. वहीं तीसरी छात्रा पहले ही रिश्तेदार के घर से मिल गई थी.

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हॉस्टल की जिंदगी से थीं परेशान, काउंसिलिंग जारी

पुलिस पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि वे हॉस्टल की दिनचर्या से परेशान थीं और बाहर घूमना चाहती थीं. उन्हें लगा कि नौकरी करके वे जल्दी अपने सपने पूरे कर लेंगी. एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है. फिलहाल तीनों को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है, जहां उनकी काउंसिलिंग की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि एक छात्रा पहले भी हॉस्टल से भाग चुकी थी. पुलिस अब पूरे मामले में अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.