विधानसभा चुनाव के मद्देनजर श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा इस बार 17 से 20 दिसंबर के बीच आयोजित की जाएगी. भारत-नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में यात्रा के दौरान तीन लाख लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य है.

सतीश सिंह, लखनऊ. नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO) अवध प्रांत एवं श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास की ओर से इस वर्ष की गतिविधियों और आगामी स्वास्थ्य सेवा अभियानों की तैयारियों को गति दे दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनएमओ अवध प्रांत एवं श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के कैलेंडर का विमोचन किया. कैलेंडर के अनुसार विधानसभा चुनाव के चलते इस बार श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा जनवरी-फरवरी के बजाय 17 से 20 दिसंबर के बीच आयोजित की जाएगी.

सात जिलों में यात्रा

भारत-नेपाल सीमा से लगे थारू जनजातीय बहुल सात जिलों में होने वाली इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा को अगले वर्ष संभावित आचार संहिता को देखते हुए दिसंबर में ही पूरा करने का निर्णय लिया गया है. पिछले वर्ष यात्रा के दौरान करीब 2.75 लाख लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला था. इस वर्ष यह संख्या बढ़ाकर तीन लाख करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

10 जनवरी को स्वास्थ्य मेला

अयोध्या में आयोजित होने वाला वार्षिक स्वास्थ्य मेला भी इस बार मार्च के बजाय जनवरी के प्रथम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा. इसकी प्रस्तावित तिथि 10 जनवरी रखी गई है. आयोजकों के अनुसार समय से पहले आयोजन का उद्देश्य आगामी चुनावी कार्यक्रम और संभावित आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवा गतिविधियों को निर्धारित समय पर पूरा करना है.

यह भी पढ़ें: मित्र अखिलेश यादव जी! जरा अपने चच्चू को संभालिए, नहीं तो… ओपी राजभर ने कसा करारा तंज, जानिए सपा सुप्रीमो से ऐसा क्या कहा?

27 सितंबर को साइकिल रैली

एनएमओ अवध प्रांत की ओर से स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए 27 सितंबर को साइकिल रैली आयोजित की जाएगी. रैली किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) परिसर से शुरू होकर विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से गुजरते हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में समाप्त होगी. करीब 40 किलोमीटर लंबी इस रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और नियमित शारीरिक गतिविधि के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जाएगा.

150 मेडिकल छात्रों का अभ्यास

एनएमओ अवध प्रांत का वार्षिक अभ्यास वर्ग इस वर्ष 17 और 18 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में आयोजित किया जाएगा. इसमें करीब 150 मेडिकल छात्र-छात्राओं के शामिल होने की योजना है. अभ्यास वर्ग में चिकित्सा सेवा, सामाजिक दायित्व और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण एवं विचार-विमर्श किया जाएगा.

कई संगठन करेंगे सहयोग

श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में एनएमओ गोरक्ष प्रांत और एनएमओ ब्रज प्रांत भी बराबरी से भागीदारी करेंगे. इसके अलावा एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, विद्या भारती, वनवासी कल्याण आश्रम, सेवा भारती, विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और आरोग्य भारती सहित विभिन्न संगठन स्थानीय स्तर पर सहयोग करेंगे.

आयोजकों के मुताबिक यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के दूरस्थ और जनजातीय बहुल इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा जागरूकता को पहुंचाना है. स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.

यह भी पढ़ें: ‘जो भारत माता के प्रति समर्पित, हमारा केवल वही’: विभाजन विभीषिका दिवस पर विपक्ष पर बरसे सीएम योगी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवा यात्रा एवं अन्य प्रस्तावित गतिविधियों के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए आयोजकों को अपना आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्रदान किया.

श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रो. एमएलबी भट्ट और एनएमओ की राष्ट्रीय बौद्धिक टोली के सदस्य डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि संगठन आगामी कार्यक्रमों को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा पहुंचाने का अभियान लगातार विस्तार पा रहा है.