केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने देश में 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने की घोषणा की है। नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि इस संबंध में आवश्यक फाइल पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं। सरकार का उद्देश्य आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है।
पेट्रोल का मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा एथेनॉल
गडकरी ने कहा कि एथेनॉल में पेट्रोल का व्यावहारिक और किफायती विकल्प बनने की क्षमता है। इसके व्यापक उपयोग से भारत का भारी-भरकम ईंधन आयात बिल कम हो सकता है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार एथेनॉल आधारित ईंधन की परिकल्पना रखी थी, तब कई लोगों ने इस विचार पर संदेह जताया था। हालांकि, अब यह पहल वास्तविकता का रूप ले रही है और देश के ऊर्जा भविष्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
ऑटोमोबाइल कंपनियां जल्द लॉन्च करेंगी 100% एथेनॉल वाहन
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां जल्द ही 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाले वाहन बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं। इनमें Toyota Motor Corporation, Suzuki Motor Corporation, MG Motor और Hyundai Motor Company जैसी कंपनियां शामिल हैं। गडकरी ने बताया कि अगले डेढ़ महीने के भीतर इन कंपनियों के एथेनॉल आधारित मॉडल लॉन्च किए जा सकते हैं।
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को भी मिल रहा बढ़ावा
सरकार ने हाल ही में E85 ईंधन को भी मंजूरी दी है, जिसे E85-संगत फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह कदम देश में वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधन तकनीकों को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
किसानों, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को होगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल आधारित ईंधन के बढ़ते उपयोग से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय में सुधार हो सकता है। साथ ही, पेट्रोलियम आयात पर खर्च घटेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
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