प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को फ्रांस के नीस शहर में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस दौरान मैक्रों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया और हाथ मिलाकर भारत-फ्रांस की मजबूत मित्रता का संदेश दिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

साझा विजन पर आधारित है भारत-फ्रांस संबंध

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के रिश्ते केवल व्यापार या रणनीतिक हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे साझा मूल्यों, विश्वास, नवाचार और भविष्य की साझा सोच पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने बीते वर्षों में कई नई पहल शुरू की हैं और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए मिलकर काम किया है।

वैश्विक चुनौतियों के समाधान में दोनों देशों की भूमिका

पीएम मोदी ने कहा कि इंटरनेशनल सोलर अलायंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सुरक्षा से लेकर सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) तक, भारत और फ्रांस ने मानवता के हित में महत्वपूर्ण साझेदारी विकसित की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष फरवरी में ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ की शुरुआत हुई थी और ‘भारत इनोवेट्स 2026’ उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत के युवाओं और यूरोपीय निवेश के बीच बनेगा सेतु

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मंच भारत की प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच एक मजबूत पुल का काम करेगा। इससे भारतीय युवाओं और स्टार्टअप्स को वैश्विक विशेषज्ञता, निवेश और नए अवसरों तक पहुंच मिलेगी। उन्होंने भारत को रिसर्च और इनोवेशन से प्रेरित देश बताते हुए कहा कि चंद्रयान-3 मिशन भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार का बेहतरीन उदाहरण है।

मैक्रों बोले- भारत इनोवेशन का वैश्विक केंद्र

राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत को नवाचार का देश बताते हुए कहा कि फ्रांस रक्षा, तकनीक और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे क्षेत्रों में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। उन्होंने AI, जलवायु परिवर्तन और नागरिक परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। साथ ही स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) जैसी नई परमाणु तकनीकों में संयुक्त कार्य की इच्छा जताई।

120 से अधिक स्टार्टअप्स की भागीदारी

14 से 16 जून तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत के 120 से अधिक डीप-टेक स्टार्टअप्स, 15 से ज्यादा प्रमुख शैक्षणिक संस्थान और शोध संगठन हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को वैश्विक निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और अकादमिक जगत से जोड़कर नवाचार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा देना है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m