परवेज खान ,यमुनानगर। वरुण मुलाना ने यमुनानगर दौरे के दौरान पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद देश में ईंधन महंगा मिल रहा है, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ रहा है।

सांसद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में जब कच्चा तेल लगभग 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, तब भी पेट्रोल-डीजल के दाम अपेक्षाकृत कम थे। जबकि वर्तमान में लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास क्रूड ऑयल होने के बावजूद कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण भारी टैक्सेशन है, जिससे जनता पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।

भाजपा नेताओं के “काफिला कम करने” वाले बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुलाना ने कहा कि यह सिर्फ बयानबाजी है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी नीति नहीं दिखाई देती।

उन्होंने हरियाणा में रोजगार व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि HPSC की भर्तियों में स्थानीय युवाओं के साथ भेदभाव हो रहा है और बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि जनता में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा सकता है।

इस मौके पर उनके साथ कई कांग्रेस नेता और स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जबकि मुलाना ने शोक व्यक्त करने के दौरान कई गांवों का दौरा भी किया।