संजय कुमार, जींद : हरियाणा के जींद जिले से आज सुबह स्वास्थ्य और उत्साह से भरी एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के खास मौके पर आज जींद में जिला स्तर के एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समारोह में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की और दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। सुबह के शांत माहौल में आयोजित इस सत्र में स्थानीय युवाओं, आम नागरिकों और जिले के बड़े प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने मैदान पर एक साथ बैठकर सामूहिक योगाभ्यास किया और पूरे समाज को सेहतमंद रहने का एक मजबूत संदेश दिया।

प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक प्रयासों की सराहना

मंच से जनता को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि योग दिवस का यह अवसर भारत की उस महान और सनातन चेतना का उत्सव है, जिसने हजारों सालों से पूरी दुनिया को शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने का सही रास्ता दिखाया है। उन्होंने सभी को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। मंत्री ने विशेष रूप से बताया कि इस साल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कोलकाता के ऐतिहासिक मैदान से इस वैश्विक योग अभियान की अगुवाई कर रहे हैं, जो हम सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने जींद के युवाओं में योग को लेकर दिख रहे भारी उत्साह की जमकर तारीफ की।

हरियाणा के गांवों में खुलेगी हेल्थ नर्सरी

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि साल 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में योग दिवस मनाने की अपील की थी, तब 177 देशों ने इसे मंजूरी दी थी। आज यह दायरा बढ़कर करीब 200 देशों तक पहुंच चुका है। हरियाणा सरकार के कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार योग को हर घर तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। सरकार का बड़ा लक्ष्य प्रदेश के लगभग 6,500 गांवों में आधुनिक व्यायामशालाएं खोलने का है, जिनमें से 883 का काम पूरा हो चुका है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक करने के लिए 859 आयुष योग सहायकों (Yoga Assistants) की सरकारी नियुक्ति भी की जा चुकी है।

चोट के बावजूद जिम्मेदारी निभाने पहुंचे मंत्री

जींद में योग के लिए कुल छह मुख्य सेंटर (Centers) बनाए गए थे। मंत्री ने बताया कि जिन पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की ड्यूटी आज आयोजित नीट (NEET) की परीक्षा में लगी थी, उन्हें परीक्षा को पूरी ईमानदारी और कड़ाई से संपन्न कराने के लिए योग कार्यक्रम से विशेष छूट दी गई थी। पत्रकारों ने जब मंत्री से पूछा कि पैर में चोट होने के बावजूद वे कार्यक्रम में कैसे आए, तो उन्होंने सादगी से जवाब दिया कि वे संगठन के एक सच्चे सिपाही हैं और अपनी ड्यूटी पूरी करना उनका कर्तव्य है। वहीं, राज्य में रैलियों पर रोक के सवाल पर उन्होंने साफ किया कि सरकार ने किसी भी रैली पर रोक नहीं लगाई है। कोई भी दल नियमों का पालन करते हुए प्रशासन से उचित अनुमति (Permission) लेकर आसानी से रैली कर सकता है।