हेमंत शर्मा, इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट बाहर से जितना भव्य नजर आता है, अंदर पहुंचते ही उसका इंटीरियर यात्रियों को उतना प्रभावित नहीं कर पा रहा है- ऐसा सवाल एक यात्री ने सोशल मीडिया के जरिए उठाया है। यात्री ने एयरपोर्ट के मौजूदा इंटीरियर की तस्वीर साझा करते हुए AI की मदद से तैयार किए गए कुछ नए डिजाइन भी सामने रखे हैं।यात्री का कहना है कि जब इंदौर की पहचान और आधुनिकता को एयरपोर्ट के जरिए दुनिया के सामने रखा जा सकता है, तो फिर एयरपोर्ट का अंदरूनी हिस्सा भी उतना ही आकर्षक और शहर की संस्कृति से जुड़ा हुआ क्यों न हो?
‘बाहर भव्यता, अंदर लोहे का ढांचा क्यों?’
यात्री ने एयरपोर्ट के टर्मिनल के अंदर दिखाई देने वाली लोहे की संरचना को लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि एयरपोर्ट के बाहर का स्वरूप आकर्षक है, लेकिन अंदर का इंटीरियर उतना प्रभावशाली नजर नहीं आता।यात्री ने एयरपोर्ट प्रबंधन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को टैग करते हुए सुझाव दिया कि इंटीरियर को स्थानीय कला, संस्कृति और आधुनिक डिजाइन से नया रूप दिया जा सकता है।
AI ने दिखाया इंदौर एयरपोर्ट का ‘संभावित नया चेहरा’
खास बात यह है कि यात्री ने केवल शिकायत करने के बजाय AI की मदद से एयरपोर्ट के संभावित नए इंटीरियर के डिजाइन भी तैयार कराए।इन डिजाइन में मौजूदा छत को अलग-अलग आकर्षक पैटर्न से ढका हुआ दिखाया गया है। कहीं पारंपरिक कला से प्रेरित डिजाइन नजर आता है तो कहीं आधुनिक लहरदार पैटर्न एयरपोर्ट को नया लुक देते दिखाई देते हैं।यात्री का सवाल है कि जब AI की मदद से संभावित डिजाइन कुछ ही समय में तैयार किए जा सकते हैं, तो वास्तविक एयरपोर्ट के इंटीरियर में स्थानीय कला और आधुनिक वास्तुकला का बेहतर इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा सकता?
मालवा की कला से जुड़ सकता है एयरपोर्ट का इंटीरियर
यात्री ने अपने सुझाव में एयरपोर्ट को इंदौर और मालवा की पहचान से जोड़ने की बात कही है।‘मालवा हेरिटेज’, ‘मालवा मोटिफ्स’ और ‘नर्मदा फ्लो’ जैसे थीम के जरिए एयरपोर्ट के अंदरूनी हिस्से को स्थानीय पहचान देने का सुझाव सामने आया है।इससे एयरपोर्ट सिर्फ आने-जाने की जगह न रहकर इंदौर की संस्कृति और मालवा की कला की झलक दिखाने वाला स्थान भी बन सकता है।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी लिया संज्ञान
यात्री के सुझाव पर एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। प्रबंधन ने कहा है कि संबंधित सुझाव को नोट किया गया है और इसे भविष्य की सौंदर्यीकरण योजनाओं के लिए संबंधित टीम के साथ साझा किया जाएगा।यात्री ने मौजूदा व्यवस्था की तस्वीर के साथ AI से तैयार संभावित नए डिजाइन भी साझा किए हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट के इंटीरियर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सवाल बड़ा है—इंदौर की पहचान सिर्फ बाहर तक क्यों?
इंदौर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण शहर बन चुका है। ऐसे में एयरपोर्ट को शहर के प्रवेश द्वार के तौर पर देखा जाता है।अगर बाहर से एयरपोर्ट आधुनिक और भव्य दिखाई देता है, तो अंदर भी इंदौर की संस्कृति, मालवा की कला और आधुनिक तकनीक का बेहतर तालमेल नजर आए तो इसकी अलग पहचान बन सकती है।AI से तैयार तस्वीरों ने एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—जब कल्पना में इंदौर एयरपोर्ट इतना खूबसूरत नजर आ सकता है, तो क्या आने वाले समय में इसका वास्तविक इंटीरियर भी ऐसा ही आकर्षक बनाया जा सकता है?

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


