कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में राज्य कर (जीएसटी) विभाग की टीम ने एक बड़े गुटखा और पान मसाला कारोबारी के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कारोबारी के शहर में स्थित अलग-अलग पांच ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी के लिए बनाए गए एक ही परिवार के ‘सरोगेट फर्म नेटवर्क’ (फर्जी कंपनियों का जाल) का सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ है। शुरुआती जांच में ही अब तक करीब 1 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हो चुका है।
बिना ई-वे बिल के खपाया जा रहा था माल
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह गुटखा और पान मसाला फर्म लंबे समय से टैक्स चोरी के खेल में लिप्त थी। विभाग को शिकायत मिल रही थी कि व्यापारी द्वारा बड़े पैमाने पर बिना ई-वे बिल (E-Way Bill) के ही माल का परिवहन किया जा रहा था। चोरी-छिपे और बिना कागजी दस्तावेजों के माल को बाजार में खपाकर सरकार को मोटी राजस्व हानि पहुँचाई जा रही थी।
एक ही परिवार की सरोगेट फर्मों का जाल
जीएसटी की इस छापेमारी में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है टैक्स बचाने का अनोखा तरीका। जांच में पता चला है कि कारोबारी ने टैक्स से बचने के लिए अपने ही परिवार के सदस्यों के नाम पर कई सरोगेट फर्में (काल्पनिक/फर्जी नेटवर्क) खड़ी कर रखी थीं। इन फर्मों के जरिए कागजों में हेरफेर कर माल का टर्नओवर छिपाया जा रहा था। अभी तक की जांच में इन फर्मों के खातों और स्टॉक में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं।
बढ़ सकता है टैक्स चोरी का आंकड़ा
जीएसटी के अधिकारियों का कहना है कि गुटखा कारोबारी के ठिकानों पर दस्तावेजों, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और कंप्यूटर डेटा को खंगाला जा रहा है। फिलहाल शुरुआती तौर पर 1 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी सामने आ चुकी है, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, टैक्स चोरी का यह आंकड़ा और भी बड़ा होने की पूरी संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। सभी ठिकानों पर जांच जारी है और पूरे दस्तावेज खंगालने के बाद ही टैक्स और जुर्माने की अंतिम राशि का वास्तविक आकलन हो सकेगा। इस बड़ी कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कर चोर कारोबारियों में भी हड़कंप का माहौल है।


