गांधीनगर: गुजरात में व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गुजरात विधानसभा के मॉनसून सत्र में ‘गुजरात ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026’ को बहुमत से पास कर दिया गया है। इसके तहत ‘गुजरात शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट’ (गुमास्ता धारा) में संशोधन किया गया है, जिसके बाद अब राज्य में दुकानें, मॉल, रेस्तरां, होटल, कैफे, शोरूम और गैराज हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे (24/7) खुले रह सकेंगे।

उद्योग राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित के अनुसार, इस कानून का मुख्य उद्देश्य ‘रेगुलेटरी बोझ’ को कम करना, प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना और स्व-प्रमाणन (Self-Certification) को बढ़ावा देना है।’

बिल के मुख्य प्रावधान और सुधार:

  • समय की पाबंदी समाप्त: पुलिस या स्थानीय प्रशासन अब केवल व्यावसायिक समय की पाबंदियों के आधार पर दुकानों को बंद नहीं करा सकेंगे। हालांकि, सुरक्षा, सफाई और ट्रैफिक नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा।
  • श्रमिक सुरक्षा व अधिकार जारी: 24 घंटे कामकाज की अनुमति का अर्थ कर्मचारियों से लगातार काम कराना नहीं है। श्रम कानूनों, शिफ्ट, छुट्टी और वर्किंग आवर्स से जुड़े नियम यथावत लागू रहेंगे।
  • फायर सेफ्टी नियमों में ढील: ‘गुजरात फायर प्रिवेंशन एक्ट 2013’ में सुधार कर इसे जोखिम-आधारित बनाया गया है, जिससे व्यवसायों की अनुपालन लागत (Compliance Cost) घटेगी।
  • MSME और मेडिकल क्षेत्र को राहत: MSME के लिए ‘राइट टू बिजनेस’ को मजबूती दी गई है। इसके अलावा, अन्य राज्यों के पंजीकृत डॉक्टर अब स्व-घोषणा के आधार पर गुजरात में आसानी से रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
  • नागरिक सेवाओं में ऑटो-एस्केलेशन: सरकारी सेवाओं में देरी होने पर शिकायत अपने-आप उच्च अधिकारी के पास ट्रांसफर हो जाएगी।

यह विधायी सुधार ‘गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026’ और ‘विकसित गुजरात @2047’ के विजन को ध्यान में रखकर किया गया है। इससे राज्य में निवेश, रोजगार और व्यापार-अनुकूल माहौल को नई रफ्तार मिलेगी।

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