Rajasthan News: सवाई माधोपुर के कुशालीपुरा में माहौल अचानक गरमा गया है। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की मूर्ति लगाने की जिद पर गुर्जर समाज और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। हालत यह है कि गुर्जर शहीद स्थल पर चल रही श्रद्धांजलि सभा में हजारों की भीड़ जुटी। भारी तनाव को देखते हुए सवाई माधोपुर के कलेक्टर कानाराम खुद भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।

टाइगर रिजर्व बनाम गुर्जरों की आस्था

गुर्जर समाज अड़ा है कि उनके शहीदों और कर्नल बैंसला का स्मारक इसी कुशालीपुरा दर्रे में बनेगा। दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि यह पूरी जमीन रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आती है। वन विभाग के कड़े कानूनों के कारण यहां किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता। प्रशासन गुर्जरों को दूसरी जगह जमीन देने की बात कह रहा है, लेकिन समाज इस पर राजी नहीं है।

तब फॉरेस्ट एरिया नहीं दिखा था?

सभा में पहुंचे गुर्जर नेता विजय सिंह बैंसला ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि जब इसी जगह पर आंदोलन के दौरान हमारे लोगों पर गोलियां चलाई गईं, तब क्या उन्हें जंगल से बाहर लाकर नहीं मारना चाहिए था? बैंसला ने सीधे अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि जब राम मंदिर वहीं बना जहां आस्था थी, तो हमारे मसीहा की मूर्ति भी इसी कुशाली दर्रे में लगेगी। यह हमारी आस्था का सौदा है।

कमजोर न समझे सरकार

सभा में मौजूद गुर्जर समाज के दिग्गज नेताओं के तेवर बेहद आक्रामक दिखे। उन्होंने कहा अगर प्यार से काम हो जाए तो ठीक, वरना यह बगड़ावत कौम है। इतिहास गवाह है कि हमने पटरियां तक उखाड़ दी थीं। बता दें कि कुशालीपुरा में तीन दिनों का भगवान देवनारायण मेला और श्रद्धांजलि कार्यक्रम चल रहा है। आज मेले का दूसरा दिन है और शुक्रवार को एकाएक मूर्ति स्थापना की मांग उठने से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। शहीद स्मारक के बाहर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया है और लोग लगातार फोन करके आसपास के गांवों से भीड़ जुटा रहे हैं।

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