गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ईस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल टी एस चटवाल से हुई 2.65 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का सिंडिकेट दुबई से संचालित किया जा रहा था।
गुरुग्राम। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ईस्ट की टीम ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल टी एस चटवाल के साथ जनवरी 2025 में हुई 2 करोड़ 65 लाख रुपये की निवेश ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस साइबर अपराध के द्वितीय चरण (सेकंड लेयर) से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली, गाजियाबाद और बहादुरगढ़ से छह अभियुक्तों को हिरासत में लिया है। एसीपी साइबर क्राइम गौरव फोगाट के अनुसार, इस पूरे मामले की पड़ताल क्राइम यूनिट की साइबर डिवीजन शाखा द्वारा की जा रही है।
बैंक खाते से मिला सुराग
जांच के क्रम में अधिकारियों को पता चला कि धोखाधड़ी से ऐंठी गई धनराशि में से छह लाख रुपये इंडियन OVERSEAS बैंक के एक संयुक्त खाते में ट्रांसफर किए गए थे। यह बैंक खाता सोनू चौधरी और आकाश सोनी के नाम पर पंजीकृत था। इस इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सोनू चौधरी को गाजियाबाद से धर दबोचा।
सोनू ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसने अपना खाता बहादुरगढ़ निवासी पुनीत नामक एग्रीगेटर को मुहैया कराया था। इसके बाद पुलिस ने 19 जुलाई को बहादुरगढ़ स्थित ओमेक्स सिटी में छापेमारी कर पुनीत, अभिषेक, विकास और दुष्यंत को दबोच लिया। पुनीत ने यह स्वीकार किया कि वह द्वारका (दिल्ली) निवासी सम्राट के कहने पर इन बैंक खातों को आगे बेचा करता था।
दुबई से जुड़ा सिंडिकेट
बहादुरगढ़ में की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 90 एटीएम कार्ड, 42 चेकबुक, विभिन्न रबर स्टांप, 33 सिम कार्ड और एक पासपोर्ट जब्त किया। आरोपी पुनीत के पासपोर्ट की जांच करने पर वर्ष 2023 से 2026 के बीच दुबई यात्रा के चार वीजा/इमीग्रेशन स्टांप दर्ज मिले।
पूछताछ में पुनीत ने बताया कि वह दुबई में मौजूद मुख्य हैंडलर रुद्र से मुलाकात करने जाता था। वह सम्राट सिम्बल के साथ मिलकर भारत में फर्जी बैंक खाते खुलवाने और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम संभालता था। गिरफ्तार अभियुक्तों में अधिकांश 10वीं व 12वीं पास हैं, जबकि अभिषेक नामक आरोपी के पास मेरठ से प्राप्त इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा है।
कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
जांच एजेंसी के अनुसार, इन पकड़े गए फर्जी बैंक खातों के खिलाफ राजस्थान में 6, तेलंगाना में 2, जबकि झारखंड, केरल और कर्नाटक में 2-2 आपराधिक शिकायतें पहले से दर्ज पाई गई हैं। पुलिस फिलहाल बरामद सिम कार्डों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है और ठगी गई कुल रकम का आकलन करने में जुटी है।


