गुरुग्राम पुलिस ने फर्जी निवेश के नाम पर 3.75 करोड़ की ठगी करने वाले 3 आरोपियों को पकड़ा है। इनका नेटवर्क देश के कई राज्यों के साथ दुबई तक फैला हुआ है।
गुरुग्राम। साइबर अपराध शाखा ने एक ऐसे अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने फर्जी इन्वेस्टमेंट पोर्टल्स के जरिए लोगों को करोड़ों का चूना लगाया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर करीब 3.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। गिरोह के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कुल 15 शिकायतें दर्ज थीं, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच कर जाल बिछाया और इन्हें दबोच लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि अपराध की दुनिया में अपनी जड़ें जमा चुके ये तीनों आरोपी महज 12वीं पास हैं, जिन्होंने अपनी शातिराना चालों से आम जनता को निशाना बनाया।
निवेश के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फतेहाबाद के पवन कुमार, रेवाड़ी के दिनेश कुमार और दिल्ली के जनक के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी लोगों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से संपर्क कर फर्जी निवेश वेबसाइटों पर पैसा लगाने के लिए लुभाते थे। वेबसाइट पर निवेशकों को उनकी जमा राशि पर काल्पनिक और अत्यधिक मुनाफे का झांसा दिया जाता था, जिससे लोग विश्वास में आकर निवेश कर देते थे। जब भी कोई निवेशक अपना पैसा निकालने की कोशिश करता, आरोपी उसे टालमटोल करते या संपर्क काट देते थे, जिससे पीड़ितों को अपनी मेहनत की कमाई डूबने का एहसास होता था।
दुबई कनेक्शन की हो रही जांच
पुलिस ने दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित फ्लैट पर छापेमारी कर 36 मोबाइल फोन, 53 एटीएम कार्ड और 25 बैंक पासबुक समेत बड़ी मात्रा में तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी पवन कुमार के नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच दुबई प्रवास की पुष्टि हुई है, जिससे इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। एसीपी गौरव फोगाट ने बताया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए हर 2-3 महीने में अपना ठिकाना बदल लेते थे। फिलहाल तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके विदेशों में फैले नेटवर्क का पूरा खुलासा हो सके।

