गुरुग्राम पुलिस ने नो एंट्री पास के नाम पर ट्रांसपोर्टर से 12 हजार रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पीडीएफ एडिट कर नकली पास बनाता था।

सुशीला देवी, गुरुग्राम। पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी नो एंट्री पास बनाकर ट्रांसपोर्टरों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी ने खुद को फिटनेस और परमिट बनवाने वाला एजेंट बताकर एक ट्रांसपोर्टर से 12 हजार रुपये की ठगी की। मामला 27 अगस्त 2025 का है, जब पीड़ित ने अपनी तीन गाड़ियों के लिए पास बनवाने हेतु आरोपी को दस्तावेज दिए थे। आरोपी ने पीडीएफ फाइल को एडिट करके फर्जी पास तैयार कर पीड़ित को भेज दिए। फरुखनगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अपराध शाखा सेक्टर-10 की टीम ने लंबी पड़ताल के बाद आरोपी बनवारी महौर उर्फ विक्की को 2 जून 2026 को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।

पीडीएफ एडिट कर बनाता था पास

पूछताछ में आरोपी बनवारी महौर ने खुलासा किया कि वह पूर्व में ट्रकों और लोडिंग वाहनों के पास बनवाने का काम करता था, जिससे उसे इस प्रक्रिया की जानकारी थी। इसी अनुभव का फायदा उठाकर उसने डिजिटल दस्तावेजों को एडिट करके नकली पास बनाने का गोरखधंधा शुरू किया। आरोपी ने ठगी की राशि ऑनलाइन बेटिंग-गेमिंग एप के बारकोड के जरिए मंगवाई थी ताकि पुलिस की पकड़ में न आए। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस तरह के फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस अब उन अन्य ट्रांसपोर्टरों की पहचान करने में जुटी है, जिन्हें आरोपी ने इसी तरह अपना निशाना बनाकर चूना लगाया होगा। आरोपी का पुराना रिकॉर्ड और अन्य संदिग्ध लिंक भी खंगाले जा रहे हैं।

अन्य ठगी की वारदातों पर पूछताछ

वर्तमान में आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी पता लगा रहे हैं कि उसने अब तक कुल कितने लोगों को फर्जी पास के नाम पर ठगा है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि वाहन संबंधी किसी भी दस्तावेज के लिए केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों या कार्यालयों का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान एजेंट के झांसे में आने से बचें, जो कम समय या आसान तरीके से सरकारी पास बनवाने का दावा करता हो। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है और पुलिस का प्रयास है कि ठगी के इस गिरोह से जुड़े हर संभावित पहलू को उजागर किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर पूर्णतः रोक लगाई जा सके।