सुशीला देवी,गुरुग्राम: साइबर सिटी की पुलिस ने नशीली दवाइयों के अवैध काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एंटी नारकोटिक सेल ने कार्रवाई करते हुए उन दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है, जो मेडिकल स्टोर तक नशीली दवाइयों की खेप पहुँचाते थे। इस मामले में पुलिस पहले ही एक मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके बाद अब सप्लाई चेन की कड़ियां जुड़ती जा रही हैं।
मेडिकल स्टोर और कार से मिली नशीली खेप
मामले की शुरुआत झाड़सा चौक स्थित ‘ओम मेडिकल स्टोर’ पर छापेमारी से हुई थी। पुलिस ने यहाँ के संचालक दीपक नागपाल को रंगे हाथों पकड़ा था। तलाशी के दौरान मेडिकल स्टोर और आरोपी की होंडा सिटी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां मिलीं। पुलिस ने मौके से 2250 ट्रामाडोल (ट्रामासे-पी) टैबलेट और 220 बोतल कोडीन युक्त सिरप बरामद की। आरोपी इन दवाओं की खरीद का कोई भी कानूनी दस्तावेज या लाइसेंस नहीं दिखा पाया, जिसके बाद थाना सदर में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।
‘मोगली’ और हिमांशु ने खोले राज
दीपक नागपाल से कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस एंटी नारकोटिक सेल सिकंदरपुर की टीम ने 13 मई को दो और आरोपियों, मोहित रोहिल्ला उर्फ मोगली और हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि मोहित ही वह शख्स था जिसने दीपक को ये नशीली दवाइयां सप्लाई की थीं। वहीं, मोहित ने यह सारा माल हिमांशु गुप्ता से खरीदा था। चौंकाने वाली बात यह है कि हिमांशु खुद गुरुग्राम में एक मेडिकल स्टोर चलाता है और उसी की आड़ में वह यह अवैध धंधा कर रहा था।
पुलिस खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे यह माल कहाँ से लाते थे और शहर में इनके और कौन-कौन से ठिकाने हैं। पुलिस को शक है कि इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।
इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने साफ किया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

