कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों के बंटवारे का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया की सबसे बड़ी बेटी दिवंगत पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी की आपत्ति पर राजपरिवार के अन्य सदस्यों की ओर से जवाब दाखिल किया गया है। परिवार ने कोर्ट में एक साथ मौजूदगी वाली फैमिली फोटो और अन्य दस्तावेज पेश करते हुए कहा है कि सभी ने सहमति से समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों के समझौते में अब राजमाता विजयाराजे सिंधिया की नातिन प्रतिमा देवी की आपत्ति नया मोड़ बन गई है। प्रतिमा, राजमाता की सबसे बड़ी बेटी पद्मावती राजे की बेटी हैं। उन्होंने दावा किया है कि संपत्तियों के बंटवारे में उन्हें वैधानिक हिस्सा नहीं मिला। मामले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और अन्य की ओर से प्रतिमा देवी के आवेदन का जवाब कोर्ट में पेश किया गया। जवाब के साथ परिवार के सदस्यों की एक साथ मौजूदगी वाली फोटो भी दस्तावेजों में लगाई गई है।

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दबाव में हस्ताक्षर कराने का आरोप

इसका हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रतिमा देवी को समझौते की पूरी जानकारी थी और उन्होंने सहमति से दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि प्रतिमा देवी ने खुद को समझौते की प्रक्रिया से अलग रखा था। वहीं प्रतिमा देवी की बेटी शिवांगी देवी कोर्ट पहुंची। जहां उन्होंने बताया कि उनकी मां ने अपनी मर्जी से हस्ताक्षर नहीं किए। उनका आरोप है कि मौसियों यानी वसुंधरा राजे, उषा राजे और यशोधरा राजे के दबाव में उनसे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए।

प्रतिमा देवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

मामले में अब एक और कानूनी मोड़ सामने आया है। उषा राजे और अन्य की ओर से प्रतिमा देवी के खिलाफ BNSS-379 के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए आवेदन पेश किया गया है। इस पर अदालत को निर्णय करना है। इधर, संपत्ति विवाद से जुड़े केस में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआ उषा राजे, वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे सिंधिया व अन्य के बीच संपत्ति विवाद चल रहा है। इसे समझौते से खत्म करने के लिए दोनों पक्षों की ओर से आवेदन दिया गया था।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केस वापस लेने की मांग की,

इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिला न्यायालय में आवेदन देकर संपत्ति विवाद से जुड़े केस वापस लेने की मांग की। वहीं प्रतिमा देवी की ओर से कहा गया कि परिवार के सदस्यों के बीच समझौते के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है, लेकिन उनकी ओर से इसे लेकर आपत्ति है। प्रतिमा देवी ने अदालत में आवेदन देकर दावा किया कि उन्हें बंटवारे में वैधानिक हिस्सा नहीं दिया गया। बहरहाल मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।

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