हांसी में मोबाइल ऐप से ई-रिक्शा रिमोटली लॉक होने के कारण चालकों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा ऐप बंद करने के आदेश के बावजूद समस्या हल नहीं हुई है जिससे गरीब चालक बेहद परेशान हैं।
हांसी। जिले में इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के सामने एक बेहद अजीब और गंभीर तकनीकी समस्या खड़ी हो गई है। स्थानीय चालकों का गंभीर आरोप है कि BAT-BMS नामक एक मोबाइल ऐप के जरिए उनके वाहनों को दूर बैठे ही अचानक लॉक कर दिया जाता है। इस अप्रत्याशित समस्या की वजह से उनकी दैनिक रोजी-रोटी पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। चालकों के मुताबिक अब तक क्षेत्र में करीब 30 से अधिक ई-रिक्शा इस तरह से लॉक किए जा चुके हैं। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित चालकों ने अब राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर राहत प्रदान करने की बड़ी गुहार लगाई है।
ब्लूटूथ तकनीक से बंद होते वाहन
ई-रिक्शा चालकों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष ऐप ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के माध्यम से सीधे ई-रिक्शा से जुड़ जाता है। एक बार कनेक्ट होने के बाद कोई भी अज्ञात व्यक्ति इस ऐप के जरिए वाहन को कहीं से भी आसानी से लॉक या पूरी तरह बंद कर सकता है। चालकों का कहना है कि कई बार सवारी को ले जाते समय बीच रास्ते में ही उनका ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाता है। इस वजह से न केवल उनकी पूरे दिन की गाढ़ी कमाई प्रभावित हो रही है, बल्कि उन्हें हर दिन भारी आर्थिक नुकसान का सामना भी करना पड़ रहा है।
लॉक खोलने के नाम पर अवैध वसूली
स्थानीय ई-रिक्शा चालक प्रवीण और विनोद ने बताया कि अधिकांश चालक बेहद गरीब और कम पढ़े-लिखे हैं। उन्हें इस आधुनिक तकनीक की बिल्कुल भी जानकारी नहीं है, जिसका फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। चालकों का आरोप है कि बंद रिक्शा का लॉक दोबारा खुलवाने के नाम पर उनसे 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ मैकेनिक राजेश कुमार ने इस सुरक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हांसी के ट्रैफिक इंचार्ज राजीव कुमार ने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

