हांसी में राव तुलाराम चौक पर एक ही स्थान पर दो द्वार बनाने के विरोध में समाज ने बैठक की। विधायक विनोद भयाना ने समाज को द्वार निर्माण रोकने का आश्वासन दिया है।

नवीन शर्मा, हांसी। स्थित यादव धर्मशाला में शहीद राव तुलाराम संघर्ष समिति की ओर से हिसार यादव सभा के प्रधान चंद्रभान यादव के नेतृत्व में समाज के प्रबुद्ध लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से हांसी के राव तुलाराम चौक पर एक ही स्थान पर प्रस्तावित ‘अरूट द्वार’ और ‘राव तुलाराम द्वार’ के निर्माण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा कि एक ही स्थान पर दो अलग-अलग द्वारों का निर्माण किया जाना तार्किक रूप से उचित नहीं है। इस विषय पर गहन विचार-विमर्श करने के बाद संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि वे इस मामले में विधायक विनोद भयाना से मुलाकात कर समाज की भावनाओं और आपत्तियों से उन्हें अवगत कराएंगे।

विधायक ने दिया निर्माण रोकने का आश्वासन

समिति के सदस्यों ने विधायक विनोद भयाना से भेंट की और उनके सामने चौक पर प्रस्तावित दो द्वारों के निर्माण से जुड़ी समाज की चिंताओं को प्रमुखता से रखा। संघर्ष समिति के अनुसार, विधायक विनोद भयाना ने समाज के प्रतिनिधियों को सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि यदि समाज एकजुट होकर यह मांग करेगा कि अरूट द्वार का निर्माण न किया जाए, तो वह इसका निर्माण बिल्कुल भी नहीं करवाएंगे। विधायक के इस स्पष्ट आश्वासन के बाद बैठक में मौजूद समाज के गणमान्य लोगों ने अपनी सहमति जताई और राहत की सांस ली। इस दौरान यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में शहीद राव तुलाराम संघर्ष समिति की ओर से एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें समाज के लोग भारी संख्या में भाग लेंगे।

समाज की बड़ी बैठक में बनी रणनीति

इस महत्वपूर्ण बैठक में चंद्रभान यादव (प्रधान, यादव सभा हिसार), हरेंद्र यादव, सुरजीत यादव (जिला पार्षद), यादवेंद्र यादव (पूर्व सरपंच), रंगी राम यादव, अनिल (सरपंच प्रतिनिधि, ढाना खुर्द), सुरेश यादव (पूर्व सरपंच), मदन नंबरदार, राजपाल यादव, वेद यादव, लीलाराम, विजय पंच, मनोज सेक्रेटरी, जयपाल, संजय यादव, मास्टर कुलदीप, गजराज, जितेंद्र, विनोद, राहुल, बलवान और सूरत सिंह फौजी सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी विवादित निर्माण को रोकने के लिए संगठित प्रयास आवश्यक हैं। समिति ने आगे की रणनीति तैयार करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए जिम्मेदारियां भी तय कर दी हैं। अब सबकी नजरें विधायक के निर्णय और अगले कार्यक्रम पर टिकी हैं।