सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते हांसी शहर में कचरे के अंबार को हटाने के लिए एसडीएम राजेश खोथ स्वयं सड़कों पर उतरे, जहाँ व्यापारिक संगठनों और ग्रामीणों ने भी उनका भरपूर साथ दिया।

नवीन शर्मा, हांसी। सफाई कर्मियों की जारी हड़ताल के बीच बुधवार सुबह हांसी शहर में प्रशासन और आमजन की सहभागिता का एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। एसडीएम राजेश खोथ स्वयं कस्सी और तसला लेकर शहर की सफाई व्यवस्था संभालने सड़कों पर उतर आए। उनके नेतृत्व में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यापारिक संगठनों, वकीलों तथा आसपास के गांवों से आए ग्रामीणों ने मिलकर शहर के प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुआ यह अभियान लगातार 9 बजे तक चला, जिससे शहर के कई प्रमुख चौक और मार्ग पूरी तरह चमक उठे।

अधिकारियों और संगठनों ने निभाया सामाजिक दायित्व

इस सघन सफाई अभियान के दौरान एसडीएम राजेश खोथ ने केवल निर्देश देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वयं कस्सी चलाकर कूड़ा उठाया और उसे ट्रालियों तक पहुँचाया। उनके इस समर्पण को देखकर सब्जी मंडी एसोसिएशन, इलेक्ट्रॉनिक संगठन और कपड़ा संगठन जैसे कई व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से मैदान में उतरे। इसके साथ ही, बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भी अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए श्रमदान किया। इस सामूहिक प्रयास से शहर के चार प्रमुख चौकों और चार मुख्य सड़कों से भारी मात्रा में कचरा हटाकर निर्धारित डंपिंग स्टेशन तक पहुँचाया गया।

ग्रामीणों का सहयोग और प्रशासन की अपील

अभियान की एक विशेष कड़ी आसपास के गांवों से आए ग्रामीण रहे, जिन्होंने स्वेच्छा से इस कार्य में हिस्सा लिया। कुलाना, सिसाय, मेहंदा और जमावड़ी जैसे गांवों के लोगों ने शहर की स्वच्छता में हाथ बटाकर सामाजिक एकता की मिसाल पेश की। इस पहल पर एसडीएम राजेश खोथ ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न डालें और अपने आसपास सफाई बनाए रखें। शहरवासियों ने एसडीएम की इस कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक बड़ा प्रेरणादायक संदेश बताया है।