अजय सैनी, भिवानी. अपनी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए छोटी काशी के रूप में विख्यात भिवानी के हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर परिसर इन दिनों आस्था और जनसहयोग का एक अनुपम केंद्र बना हुआ है। मंदिर परिसर में निर्माणाधीन संत कबीर कुटीर साधना व सत्संग भवन में स्थानीय भक्तों द्वारा दिया जा रहा सराहनीय योगदान इस बात का प्रमाण है कि आज भी समाज में धार्मिक और सामाजिक सरोकार बेहद गहरे हैं।

इसी कड़ी में एक श्रद्धालु भक्त राजेंद्र कुमार ने अपने पुत्र अक्षय खुंडिया के जन्मदिन के अवसर पर फिजूलखर्ची से दूर रहते हुए, इस पुनीत कार्य के लिए एक ट्रॉली ईंट भेंट की। इस अवसर पर बंटी, राहुल, सोनिया, दनवंती सहित समस्त खुंडिया परिवार के सदस्य मौजूद रहे। भक्तों की इस अनुपम धार्मिक भावना और सराहनीय योगदान का सम्मान करते हुए बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि इस आधुनिक युग में, जहां युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और प्राचीन मूल्यों से दूर होती जा रही है, वहां संत कबीर के विचार और उनकी शिक्षाएं समाज को सही दिशा दिखाने में एक सच्चे मार्गदर्शक की भूमिका निभाती हैं।

हनुमान जोहड़ी मंदिर परिसर में बन रहा यह साधना व सत्संग भवन केवल ईंट-पत्थरों का कोई भौतिक ढांचा मात्र नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कारों, ध्यान, साधना और लोक-कल्याण का एक जीवंत केंद्र बनेगा। महंत चरणदास महाराज ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति मानसिक तनाव से जूझ रहा है। ऐसे में यह नवनिर्मित भवन एक ऐसा पवित्र स्थान सिद्ध होगा, जहां आकर कोई भी साधक या आम जनमानस ध्यान और सत्संग के माध्यम से असीम मानसिक शांति का अनुभव कर सकेगा। भक्तों द्वारा तिनका-तिनका जोडक़र दिए जा रहे इस सहयोग से यह सिद्ध होता है कि जब सामूहिक प्रयास और निस्वार्थ भक्ति एक साथ मिलते हैं, तो वह समाज कल्याण के एक बड़े प्रकल्प का रूप ले लेते हैं।