हापुड़. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. हापुड़ में संक्रमण से पहली मौत सामने आने के बाद निगरानी और जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है. धनौरा गांव निवासी नानक चंद शर्मा की नोएडा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. जांच रिपोर्ट में उनके H1N1 संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी.

इसके अलावा जिले में चार अन्य लोगों में भी RTPCR जांच के जरिए H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है. स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाने और संभावित मरीजों की पहचान करने में जुटा है.

इसे भी पढ़ें- खाकी का खौफ खत्म! सूने मकान में चोरों ने बोला धाबा, 20 लाख के जेवर और नगदी ले उड़े शातिर, कांड के बाद कानून के रखवाले

हापुड़ में H1N1 से पहली मौत

नानक चंद शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए नोएडा के अस्पताल लेकर गए थे. चिकित्सकों ने जांच कराई तो H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई. उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. हापुड़ में स्वाइन फ्लू से मौत का यह पहला मामला बताया जा रहा है. मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और संक्रमण के संभावित मामलों की जांच पर जोर दिया जा रहा है.

चार अन्य मरीजों में भी संक्रमण की पुष्टि

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, चार अन्य मरीजों की RTPCR जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है. विभागीय टीमें संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगा रही हैं. अधिकारियों ने संबंधित टीमों को सतर्क रहने और लक्षण वाले लोगों की पहचान कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं. हापुड़ में स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों की तबीयत खराब होने की सूचना भी सामने आई है. हालांकि, उनके H1N1 संक्रमित होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है. विभाग उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रहा है.

मेरठ मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का अलग वार्ड

हापुड़ में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद मेरठ मेडिकल कॉलेज ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं. इमरजेंसी वार्ड में H1N1 मरीजों के लिए 20 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है. इनमें 10 बेड पुरुष और 10 बेड महिला मरीजों के लिए आरक्षित हैं. गंभीर मरीजों की जरूरत को देखते हुए वार्ड में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है. आवश्यक दवाइयां और अन्य चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं.

48 मरीज खांसी-जुकाम और बुखार के साथ पहुंचे

मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के लिए अलग OPD भी शुरू की गई है. यहां खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों की जांच और चिकित्सकीय परामर्श किया जा रहा है. शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक 48 मरीज इन लक्षणों के साथ OPD पहुंचे. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं.

यह भी पढ़ें- अखिलेश का बड़ा ऐलान: सत्ता में आए तो 3 महीने में जातीय जनगणना, महिलाओं को देंगे 40 हजार

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि खांसी, जुकाम, बुखार या अन्य लक्षण होने पर लापरवाही न बरतें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें. अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आगे कदम उठाए जाएंगे.