नवीन शर्मा, हांसी. हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य पुराने पेड़ों को कटने से बचाना और लोगों को इनके संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। जिन लोगों के पास 75 साल पुराने पेड़ हैं. उनके मालिको को पेशन दी जायेगी. पेड़ मालिको को इसकी जानकारी जिला उपायुक्त कार्यालय में देनी होगी। सत्यापन के बाद पात्र पेड़ों को योजना में शामिल किया जाएगा।
आपको बता दे कि हरियाणा सरकार अब 75 साल या उससे अधिक पुराने पेड़ों के संरक्षण करने वालों को सालाना 3000 रुपये की पेंशन दे रही है। इस योजना का उद्देश्य पुराने पेड़ों को कटने से बचाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। योजना के तहत जिन लोगों की जमीन या परिसर में 75 साल से अधिक पुराने पेड़ हैं, वे जिला वन विभाग या उपायुक्त कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। पात्र पेड़ों की जांच के बाद राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
हरियाणा सरकार की 75 वर्षीय पेड़ पेंशन योजना को अब क्षेत्र में भी लोगों को भा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इस पहल को प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा कदम मान रहे हैं। कई पंचायतों ने भी पुराने पेड़ों की पहचान कर प्रशासन को जानकारी भेजनी शुरू कर दी है। इससे पेड़ों की कटाई रुकेगी और पुराने विरासत पेड़ों का संरक्षण होगा।
हाँसी के एसडीएम राजेश खोथ ने बताया कि हरियाणा सरकार की प्राण वायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 वर्ष से अधिक पुराने पेड़ों के मालिकों को पेंशन दी जा रही है इसी के तहत आज सुल्तानपुर पंचायत की ओर से प्रशासन को पत्र सौंपा गया, जिसमें गांव में 75 वर्ष से अधिक पुराने पेड़ों की जानकारी दी गई। इस योजना के तहत पात्र पेड़ मालिकों को हर साल 3000 हजार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
हाँसी में SDM राजेश खोथ ने बताया कि पेड़ों को चिह्नित करने के लिए सर्वे के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई हुई है.जिसमें टीम मौके पर पहुंचकर पेड़ की उम्र की जांच पड़ताल करेगी। पेड़ों की उम्र गणितीय व अनुमान के आधार पर निकाली जायेगी। बुजुर्गों व स्थानीय लोगों से पेड़ कीजानकारी भी ली लायेगी.यह पेड़ कब लगाया गया।
उन्होंने बताया कि पेड़ की मोटाई और बढ़ने की चाल के आधार पर भी उम्र निकल जाती है। दूसरे ज्यादा दिक्कत आने पर ड्रिल का प्रयोग कर तने के छल्लों के आधार पर भी उम्र का आकलन किया जाता है। बताया जा रहा है सर्वे में ज्यादातर पुराने पेड़ पीपल, बरगद पेड़ है.हाँसी में SDM राजेश खोथ ने बताया कि आज गांव की पंचायत ने 75 वर्ष के पेड़ का पत्र दिया है. पेड़ का मालिक आम लोग न होकर अगर ग्राम पंचायत है , तो वह पंचायत के हिस्से में पेड़ की पेंशन डाली जायेगी.
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