कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़।हरियाणा सरकार ने एक ही बैठक में करोड़ों रुपये की खरीद को मंजूरी दी, लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ रकम की नहीं, बल्कि उस सख्ती की भी हो रही है, जिसमें कंपनियों से रेट कम करवाने पर जोर दिया गया। देर शाम हुई इस अहम बैठक में कई बड़े विभागों से जुड़े फैसले लिए गए, जिनका असर बिजली, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था तक दिखाई दे सकता है।
बैठक के दौरान सरकार ने साफ संदेश दिया कि सरकारी खजाना केवल खर्च करने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए है। यही वजह रही कि कई प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई और खरीद दरों में कमी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई।
दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में विभिन्न विभागों के लिए करीब 252 करोड़ रुपये की खरीद संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में हरियाणा पुलिस के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीद को हरी झंडी मिली, वहीं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से 18 हजार रैबिट कंडक्टर खरीदने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के लिए करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से 132/66 केवी C&R पैनल्स खरीद को भी स्वीकृति मिली।
बैठक में परिवहन विभाग की साधारण, AC और मिनी बसों समेत ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूल की बसों के दो साल के बीमा प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री ने United India Insurance को पिछले साल की दरों पर ही बीमा के लिए सहमत करवाया। CM सैनी ने कहा कि सरकार जनता के पैसे की केवल “कस्टोडियन” है, इसलिए हर खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है तथा विभागों को खरीद से पहले बाजार और अन्य राज्यों की दरों का तुलनात्मक अध्ययन करना

