कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर गुरुवार को सियासी माहौल गरमा गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोलते हुए कांग्रेस और इनेलो के शासनकाल की घटनाओं और अपराधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भी देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला की ओर से प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा जरूरी है, लेकिन यह चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक सुविधा और भ्रामक प्रचार के आधार पर।
विपक्ष के काले कपड़ों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने सदन में काले कपड़े पहनकर पहुंचे विपक्षी सदस्यों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रदेश की जनता विपक्ष के काले कपड़े नहीं, बल्कि उनके काले कारनामे देख रही है।
उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल का जिक्र करते हुए 1984 के दंगों, गोहाना कांड, मिर्चपुर घटना, अपना घर कांड, मारुति सुजुकी हिंसा और अन्य घटनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने दस साल के शासनकाल में हुई घटनाओं और अपराधों का भी जवाब देना चाहिए।
सैनी ने 1984 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर की घटनाओं को याद करने पर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इन दंगों के लिए आज तक माफी नहीं मांगी और उस दौर से जुड़े व्यक्ति को रोल मॉडल बताया जाना पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
इनेलो के शासनकाल की घटनाएं भी गिनाईं
मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 से 2005 के बीच इनेलो शासनकाल का जिक्र करते हुए हिसार के लितानी गांव में पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया और उनके परिवार के आठ सदस्यों की हत्या, कंडेला प्रकरण, झज्जर के दुलीना में पांच दलित युवकों की हत्या और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या जैसी घटनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए विपक्ष से सवाल किया कि हजारों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करना क्या अपराध नहीं था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती व्यवस्था में बदलाव किया है और युवाओं को ‘बिना पर्ची-बिना खर्ची’ के आधार पर नौकरियां दी जा रही हैं।
अपराध रोकने के लिए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम डायल-112 को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 630 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन तैनात हैं, जबकि 250 अतिरिक्त वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, 1 से 15 अगस्त 2026 तक चलाए गए ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के दौरान 4,771 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान 216 हथियार, 287 कारतूस और 15 मैगजीन बरामद की गईं। इसके अलावा 241 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई और 1,406 हिस्ट्रीशीट अपडेट की गईं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 33 महिला पुलिस थाने स्थापित हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति ऐप, रैपिड एक्शन फोर्स और पेट्रोलिंग वाहनों की व्यवस्था की गई है।
‘नीति, नीयत और संदेश स्पष्ट’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार अपराध की रोकथाम, जांच और अभियोजन को और प्रभावी बनाएगी। उन्होंने सदन में स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकार की नीति भी स्पष्ट है, नीयत भी स्पष्ट है और संदेश भी स्पष्ट है—अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


