चंडीगढ़। साइबर अपराध पर लगाम कसने की दिशा में हरियाणा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के जरिए साइबर ठगी के मामलों में 31 प्रतिशत रकम पीड़ितों को वापस दिलाई, जो राष्ट्रीय औसत 3.85 प्रतिशत से करीब आठ गुना अधिक है। वहीं, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 3,947 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी और 14 हजार से अधिक अवैध ऑनलाइन कंटेंट हटाने जैसी बड़ी कार्रवाई की गई।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई प्रगति समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध से निपटने के लिए राज्य लगातार तकनीक आधारित व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

31% फंड रेस्टोरेशन, देश में शानदार प्रदर्शन

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। देशभर में जहां 1.79 लाख मामलों में केवल 3.85% धन वापसी हो सकी, वहीं हरियाणा में 7,316 मामलों में 2,241 रेस्टोरेशन ऑर्डर जारी कर 31% रकम पीड़ितों को लौटाई गई।

6 महीने में 3,947 साइबर अपराधी गिरफ्तार

जनवरी से जून 2026 के दौरान हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़े अभियान चलाए। इस अवधि में:

0 3,947 साइबर अपराधी गिरफ्तार
0 14,139 अवैध ऑनलाइन कंटेंट हटाए गए
0 9,100 से अधिक पुलिसकर्मियों को साइबर जांच का प्रशिक्षण दिया गया


नूंह में सबसे बड़ी कार्रवाई

साइबर अपराध के हॉटस्पॉट माने जाने वाले नूंह में जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच:

473 एफआईआर दर्ज
927 साइबर अपराधी गिरफ्तार
751 मोबाइल फोन और 1,442 सिम कार्ड जब्त
43,354 मोबाइल नंबर और 5,007 IMEI ब्लॉक किए गए।
ई-जीरो एफआईआर सुविधा शुरू

25 जून 2026 से हरियाणा में ई-जीरो एफआईआर सुविधा लागू कर दी गई है। अब 1930 हेल्पलाइन पर एक लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की शिकायत मिलने पर मामला स्वतः संबंधित साइबर थाने में दर्ज होकर जांच शुरू हो जाती है।

AI से होगी साइबर अपराधियों पर निगरानी

राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र (S4C) में अब AI इंटीग्रेशन सेल, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट, क्रिएटिव अवेयरनेस यूनिट और सीक्रेट सेल जैसी नई इकाइयां स्थापित की गई हैं। साथ ही डार्क वेब जांच और वर्चुअल डिजिटल एसेट से जुड़े विशेष प्रकोष्ठ बनाने की तैयारी भी चल रही है।

3 लाख से ज्यादा लोगों को किया जागरूक

जनवरी से जून 2026 के बीच हरियाणा पुलिस ने 1,322 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए, जिनके माध्यम से करीब 3.14 लाख नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।

मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने साइबर अपराध से निपटने के लिए AI आधारित निगरानी, आधुनिक तकनीक, विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय, त्वरित जांच और पीड़ित सहायता तंत्र को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते डिजिटल खतरों से निपटने के लिए साइबर सुरक्षा तंत्र को लगातार अपडेट करना आवश्यक है।