करनाल के बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर नया मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम शुरू होने से बैरियर खत्म हो गए हैं, जिससे वाहन बिना रुके अपनी रफ्तार से गुजर रहे हैं।
करनाल। जिले के बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर सड़क यातायात व्यवस्था के एक बिल्कुल नए और आधुनिक युग की शुरुआत हो चुकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा गुरुवार दोपहर ठीक 2 बजे इस मार्ग पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है। इस नई और बेहद हाई-टेक व्यवस्था के शुरू होने के बाद अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर अपनी गाड़ियां रोकने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी। सभी छोटे-बड़े वाहन अब अपनी सामान्य रफ्तार से यहां से सीधे गुजर रहे हैं और उनका तय टोल टैक्स ऑटोमैटिक तरीके से फास्टैग के माध्यम से कट रहा है, जिससे समय और ईंधन की भारी बचत हो रही है।
बैरियर मुक्त हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की परियोजना निदेशक आकृति गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की खास मौजूदगी में इस अत्याधुनिक सिस्टम को शुरू किया गया है। नए नियमों के तहत अब इस टोल प्लाजा पर न तो कोई पुराना केबिन या बूथ दिखाई देगा और न ही किसी प्रकार का लोहे का बैरियर नजर आएगा। अब टोल कर्मियों की भूमिका भी पूरी तरह बदल गई है और स्टाफ केवल तकनीकी संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की लाइव निगरानी कर रहा है। वाहनों को रोककर मैन्युअल तरीके से दस्तावेज या पहचान पत्र जांचने की थकाऊ प्रक्रिया को अब हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह बहुत सहज हो गया है।

स्थानीय चालकों के लिए मासिक पास
इस नई तकनीक के लागू होते ही स्थानीय आईडी दिखाने की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। अब टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय वाहन चालकों को 350 रुपये का मासिक पास या 3075 रुपये का वार्षिक पास बनवाना होगा। इसके अलावा, जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा, उन्हें मोबाइल पर नोटिस भेजा जाएगा और 24 घंटे में भुगतान न करने पर दोगुना टैक्स वसूला जा सकता है। टोल मैनेजर प्रदीप मलिक ने बताया कि बस्ताड़ा टोल प्लाजा हरियाणा का पहला और देश का चौथा ऐसा टोल बन गया है जहां यह सफल प्रयोग हुआ है। आने वाले समय में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।

