हरियाणा सरकार युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के लिए चार जिलों में विशेष ट्रेनिंग सेंटर खोलेगी और आईटीआई के पुराने कोर्स को उद्योगों के अनुसार आधुनिक बनाएगी।

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन 2047 के तहत युवा सशक्तीकरण, उद्यमिता और श्रम विभाग की आगामी पांच साल की कार्ययोजना की समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के युवाओं को विदेशों में रोजगार के बेहतर अवसर दिलाने के लिए राज्य के चार प्रमुख जिलों में विशेष Haryana Foreign Employment Training Centers खोलने का एक बड़ा फैसला लिया गया। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को विदेशी उद्योगों की मांग के अनुसार कुशल बनाया जाएगा। सरकार ने पहले चरण में करनाल और पंचकूला में इन केंद्रों के लिए जगह का चयन कर लिया है, जबकि बाकी दो जिलों को चुनने की प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

कनाडा में ट्रक ड्राइवर की भारी मांग

विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार ने बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में अकेले कनाडा में लगभग 80 हजार ट्रक ड्राइवरों की भारी आवश्यकता है। युवाओं को इस सुनहरे अवसर का लाभ दिलाने के लिए सरकार देश की जानी-मानी कंपनी अशोका लेलैंड के साथ लगातार बातचीत कर रही है। इस समझौते के तहत प्रदेश के युवाओं को भारी वाहनों के संचालन की आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी, जिससे वे सीधे तौर पर विदेशों में रोजगार हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि आईटीआई के पुराने पाठ्यक्रमों को पूरी तरह बदलकर नई तकनीक के अनुकूल तैयार किया जाए।

आईटीआई के लिए खरीदे आधुनिक उपकरण

उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि प्रदेश की सभी आईटीआई की वर्कशॉप को आधुनिक बनाने के लिए एक व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। इसके पहले चरण के तहत चुनिंदा संस्थानों के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों की खरीद के ऑर्डर दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री सैनी ने उद्योगों के साथ मिलकर युवाओं को सीधे ट्रेनिंग देने की बात कही। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र में एक नया राज्य स्तरीय इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग सेंटर खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, और तब तक शिक्षकों को श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।

कामकाजी महिलाओं को मिलेंगे हॉस्टल

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले सभी गिग वर्कर्स का एक विशेष अभियान चलाकर रजिस्ट्रेशन करने के कड़े निर्देश दिए हैं। बजट घोषणा के अनुसार इन कामगारों को सरकार की सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा, श्रम क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रदेश के हर जिले में वर्किंग वुमैन हॉस्टल बनाने और छोटे बच्चों के लिए क्रैच खोलने की योजना को तुरंत मंजूरी दी गई है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।