हरियाणा सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही तलाशने और तराशने के लिए एक विशेष मास्टरप्लान तैयार किया है। इसके तहत अब पंचायत, स्कूल और खेल विभाग मिलकर गांव स्तर पर बच्चों की रुचि और पसंद के आधार पर खिलाड़ियों की पहचान करेंगे।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा, जो पहले ही देश में खेलों का पावर हाउस बन चुका है, अब खेल प्रतिभाओं को और निखारने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राज्य सरकार ने गांव स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान करने की तैयारी की है, जिनकी खेलों में रुचि है और जिनमें प्रतिभा छिपी हुई है। खास बात यह है कि बच्चों की पहचान केवल खेल प्रदर्शन से नहीं, बल्कि उनकी पसंद और रुचि के आधार पर भी की जाएगी, ताकि उन्हें उसी खेल में बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कहा कि खेलों में हरियाणा की पहचान को और मजबूत करने के लिए सरकार ने मास्टरप्लान तैयार किया है। इसके तहत पंचायत, स्कूल और खेल विभाग संयुक्त रूप से गांव स्तर पर काम करेंगे। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की खेलों में रुचि और प्रतिभा का आकलन किया जाएगा, जबकि पंचायतें स्थानीय स्तर पर सहयोग करेंगी।
सरकार का उद्देश्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही पहचान कर उन्हें सही प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। बच्चे जिस खेल में रुचि रखते हैं, उसी दिशा में उन्हें आगे बढ़ाने की योजना है, ताकि भविष्य में वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा और देश का नाम रोशन कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पहले से ही खेलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है और अब नई नीति के जरिए गांव-गांव से खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा, जिससे राज्य की खेल संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।

