हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राज्य के सभी आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार की नई मार्गदर्शिका के तहत सरकारी बैठकों का संचालन करने के निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाना है।

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य में प्रशासनिक कामकाज को अधिक तेज, चुस्त और परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से सरकारी बैठकों के संचालन का तरीका बदलने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश के सभी आईएएस (IAS) अधिकारियों को केंद्र सरकार द्वारा तैयार ‘गाइड फॉर स्मार्टर ऑफिशियल मीटिंग्स’ भेजकर इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

सुशासन के लिए नई गाइडलाइन

मुख्य सचिव की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में केंद्रीय कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन के संदेश का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि प्रशासनिक व्यवस्था में छोटे-छोटे व्यावहारिक बदलाव भी सुशासन स्थापित करने और जनसेवा की गुणवत्ता बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। इसी सोच के तहत सरकारी बैठकों को अधिक केंद्रित और समयबद्ध बनाने की रणनीति बनाई गई है।

बैठक से पहले आकलन जरूरी

नियमों के अनुसार किसी भी विषय पर बैठक आयोजित करने से पूर्व अधिकारियों को यह समीक्षा करनी होगी कि बैठक वाकई जरूरी है या नहीं। यदि काम ई-मेल, फोन अथवा लिखित पत्राचार से संभव हो, तो बैठक से बचा जाएगा। बैठक अपरिहार्य होने की स्थिति में उसका स्पष्ट उद्देश्य, एजेंडा और आवश्यक दस्तावेज प्रतिभागियों के साथ पहले ही साझा करने होंगे।

तय समय सीमा में होंगे फैसले

मार्गदर्शिका में बैठकों को नियत समय पर शुरू करने और समाप्त करने पर विशेष बल दिया गया है। इसके अलावा बैठक के दौरान फैसिलिटेटर, मिनट-टेकर और टाइमकीपर जैसे दायित्व तय करने की सिफारिश की गई है। बैठकों की कार्यवाही (मिनट्स) दो से तीन दिनों के भीतर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें जिम्मेदार अधिकारी और समय-सीमा का स्पष्ट उल्लेख होगा। राज्य के प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों को भी इन नियमों को अपने पाठ्यक्रमों में शामिल करने को कहा गया है।