पुडुचेरी के 5 हजार करोड़ रुपये के नकली दवा घोटाले की जांच में हरियाणा के एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। सीबीआई ने मामले में पूछताछ शुरू कर दी है।

चंडीगढ़। पुडुचेरी के कथित 5 हजार करोड़ रुपये के नकली एवं जाली दवा घोटाले की जांच के दौरान हरियाणा कैडर के एक वरिष्ठ आई.पी.एस. अधिकारी का नाम सामने आने से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब किया है। आरोप है कि अधिकारी ने घोटाले के मुख्य आरोपी को जांच में राहत दिलाने का भरोसा देकर 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का प्रयास किया।

सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कैडर के 2012 बैच के एक आई.पी.एस. अधिकारी, जो वर्तमान में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात हैं, पर पुडुचेरी के कथित फर्जी दवा घोटाले के मुख्य आरोपी एन. राजा उर्फ राजशेखर से संपर्क साधने और सीबीआई जांच में राहत दिलाने का दावा करने के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या अधिकारी ने अपने प्रभाव और संपर्कों का हवाला देकर धन की मांग की थी।

एफआईआर में कई नाम शामिल

सीबीआई द्वारा 8 जून को दर्ज एफआईआर में मुख्य आरोपी एन. राजा, दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह, कथित बिचौलिए राजकुमार उर्फ मधनराज सहित अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों को नामजद किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सीबीआई मामलों में प्रभाव का इस्तेमाल कर राहत दिलाने के नाम पर एक सुनियोजित साजिश रची गई।

हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंची रकम

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कथित रिश्वत राशि का एक हिस्सा हवाला नेटवर्क के माध्यम से पहुंचाया गया। सीबीआई का दावा है कि लगभग एक करोड़ रुपये की रकम पहले ही आरोपी पक्ष तक पहुंच चुकी थी। अब एजेंसी पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को खंगालने में जुटी है।

अभी आरोपी नहीं, जांच जारी

सीबीआई ने संबंधित आई.पी.एस. अधिकारी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि अभी तक अधिकारी को औपचारिक रूप से आरोपी घोषित नहीं किया गया है। एजेंसी का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी से जुड़े गंभीर प्रावधानों के तहत कार्रवाई संभव है।