चंडीगढ़। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की ‘प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया 2024’ रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों पर गंभीर चिंता जताई है। आयोग का कहना है कि ये आंकड़े जेलों में बंद कैदियों के मानवाधिकारों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में हरियाणा की जेलों में 15 अप्राकृतिक मौतें दर्ज की गईं और सभी मामलों में मौत का कारण आत्महत्या बताया गया है। इसके अलावा जेलों में हिंसा, मानसिक तनाव, नशे की समस्या और दबाव जैसी स्थितियां भी सामने आई हैं।
आयोग ने कहा कि जेल में बंद व्यक्ति भी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानपूर्वक जीवन, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा के अधिकार रखते हैं। ऐसे में जेलों में मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
आयोग ने मांगी पूरी जानकारी
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रशासन से इस पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने जेलों में भीड़भाड़, आत्महत्या के मामलों, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों और काउंसलरों की उपलब्धता तथा सुरक्षा इंतजामों की पूरी जानकारी मांगी है।
आयोग का मानना है कि कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

