हरियाणा सरकार ने सरकारी आवास आवंटन को पूरी तरह ऑनलाइन बनाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। जिले में सरकारी आवास पाने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा आसान, पारदर्शी और डिजिटल होने जा रही है। हरियाणा सरकार ने सरकारी आवास आवंटन के लिए विकसित किए जा रहे नए ऑनलाइन मॉड्यूल को लेकर सभी विभागों को जरूरी जानकारी तय समय में उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस नई व्यवस्था से सरकारी कर्मचारियों को आवास आवंटन और परिवर्तन प्रक्रिया में पारदर्शिता का लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, हरियाणा लोक सेवा आयोग, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, हरियाणा विधानसभा, हरियाणा पुलिस और अन्य प्रमुख कार्यालयों को पत्र जारी कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सात दिनों के भीतर आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) चंडीगढ़ पोर्टल के विकास और क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर सके।
वर्तमान व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों को ई-आवास पोर्टल पर आवेदन करने के साथ सत्यापित हार्ड कॉपी भी विभाग के माध्यम से भेजनी पड़ती है। कई मामलों में सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने, ट्रांसफर-पोस्टिंग की जानकारी समय पर अपडेट न होने और अपात्र कर्मचारियों के सरकारी आवासों पर कब्जे जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार दंडात्मक किराया और ब्याज वसूली का भी प्रावधान है।
नई ऑनलाइन प्रणाली लागू होने के बाद विभागाध्यक्ष या नामित नोडल अधिकारी डिजिटल सत्यापन के जरिए आवेदन स्वीकृत करेंगे। साथ ही ट्रांसफर और पोस्टिंग की जानकारी रियल-टाइम में अपडेट होगी, वरिष्ठता सूची स्वतः अपडेट होगी और अपात्र कर्मचारियों की पहचान भी आसान हो सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे सरकारी आवास आवंटन प्रक्रिया अधिक सरल, समयबद्ध और पूरी तरह पारदर्शी बन सकेगी।

