हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने मधुबन में कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और आगामी पुलिस भर्ती को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। राज्य पुलिस विदेशी धरती से अब तक 22 अपराधियों का प्रत्यर्पण करा चुकी है और विभाग में वर्ष 2028 तक 90 प्रतिशत खाली पदों को भरने का लक्ष्य तय किया गया है।
करनाल। पुलिस सीमा पार बैठकर फिरौती मांगने और धमकी देने वाले अपराधियों के खिलाफ लगातार कड़े कदम उठा रही है। करनाल के मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी पहुंचे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को नमन किया। इसके उपरांत पत्रकारों से संवाद करते हुए डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को पाताल से भी ढूंढकर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अब तक विभिन्न देशों से 22 खूंखार गैंगस्टरों को भारत वापस लाया जा चुका है, जबकि 3 वांछित अपराधियों की विदेश में ही मौत हो चुकी है और कई गंभीर मामलों में पुलिस ने एनकाउंटर जैसी निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है।
अभेद्य ऐप रोकेगा धमकियां
इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले सीमाविहीन अपराधों को बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी ने युवाओं से इन आपराधिक नेटवर्कों के बहकावे में न आने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की अवांछित गतिविधियों और धमकी भरी कॉल्स से आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए विभाग ने ‘अभेद्य’ ऐप विकसित किया है। यह डिजिटल सुरक्षा कवच लोगों को अज्ञात नंबरों से आने वाले संदेशों और वॉयस कॉल्स को आसानी से ब्लॉक करने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे तकनीकी कंपनियों से समय पर डेटा न मिलने की स्थिति में भी जांच प्रभावित नहीं होगी।
साइबर ठगी पर त्वरित कार्रवाई
साइबर अपराधियों पर तत्काल शिकंजा कसने के उद्देश्य से विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़े सुधार किए हैं। डीजीपी ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़ी हेल्पलाइन 1930 पर कॉल आते ही तुरंत रिस्पांस दिया जाता है। इसके अतिरिक्त लागू की गई ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था के तहत ठगी की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित पुलिस थाने में मुकदमा पंजीकृत करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित नागरिकों की धोखाधड़ी से गंवाई गई रकम को बैंकों के माध्यम से तत्काल होल्ड कराने में सफलता मिल रही है।
विशेष बजट और आधुनिकरण
प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है। जांच में पारदर्शिता लाने के लिए मैदानी स्तर पर काम करने वाले जवानों को बॉडी वॉर्म कैमरा, उन्नत सॉफ्टवेयर, आधुनिक गैजेट्स और फॉरेंसिक जांच के अत्याधुनिक साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही देश विरोधी और आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष प्रशिक्षित सुरक्षा दल का गठन किया जा रहा है, जिसके लिए सरकार ने एक अलग विशेष बजट को मंजूरी दी है।
अग्निवीरों को विशेष आरक्षण
विभाग में जनशक्ति की कमी को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर नियुक्तियों का रोडमैप तैयार किया गया है। अजय सिंघल ने आंकड़ों के जरिए बताया कि पिछले वर्ष की 5500 नियुक्तियों में 1600 महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था। वर्तमान में भी 5500 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, जिसके पश्चात नवंबर में 4000 अतिरिक्त सिपाहियों की भर्ती निकाली जाएगी। इस नई भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान रहेगा। योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए वर्ष 2028 तक महकमे की 90 प्रतिशत आवश्यक भर्तियों को पूरा कर लिया जाएगा।
नशामुक्ति और पुलिस स्वास्थ्य
डीजीपी ने बताया कि कानून व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस बल के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखने के लिए आयुर्वेद आधारित पद्धतियों सहित कई स्वास्थ्य कल्याण योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। वहीं नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री के निर्देशों पर कड़ा अभियान जारी है। मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS) के तहत अब तक 150 अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है और 47 तस्करों की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। इसी कड़ी में 18 जुलाई को मुख्यमंत्री स्वयं मधुबन पहुंचकर सभी थानों के एसएचओ और मुंशी स्तर के अधिकारियों को नशे के खिलाफ सख्त संदेश और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।

