यमुनानगर: हरियाणा में सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय महासचिव गुलशन भारद्वाज के मुताबिक, सरकार ने कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजेंद्र सिंह, महासचिव गुलशन भारद्वाज और कैशियर सुखदेव सिंह समेत 10 कर्मचारी नेताओं को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही अनुबंध आधार पर कार्यरत 14 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

गुलशन भारद्वाज ने बताया कि सरकार की ओर से कर्मचारियों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि अगर कर्मचारी 3 सितंबर की सुबह 9 बजे तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते हैं तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।

हालांकि कर्मचारी नेताओं ने सरकार के इस अल्टीमेटम के सामने झुकने से इनकार कर दिया है। गुलशन भारद्वाज ने कहा कि कर्मचारी इस तरह की कार्रवाई और धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार 13 मई को हुए समझौते को लागू नहीं करती और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लागू करवाने के लिए किसी भी तरह की कुर्बानी देने को तैयार हैं। इसके चलते प्रदेश में सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।

इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी आंदोलनरत कर्मचारियों के समर्थन का ऐलान किया है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने सरकार के खिलाफ उनके समर्थन में पूरे हरियाणा में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ऐसे में 3 सितंबर की सुबह तक सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव खत्म होता है या आंदोलन और व्यापक रूप लेता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।