हरियाणा सरकार ने स्कूली शिक्षा को सीधे रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के 649 स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक (वोकेशनल) कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। प्रदेश में स्कूली शिक्षा को रोजगार और कौशल से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के साथ कौशल और स्वरोजगार का प्रशिक्षण भी मिलेगा। सरकार ने राज्य के 649 स्कूलों में पहली बार वोकेशनल (व्यावसायिक) कोर्स शुरू करने का फैसला किया है, जिससे छात्र पढ़ाई के दौरान ही रोजगारपरक कौशल सीख सकेंगे।
योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 14 अलग-अलग ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन कोर्सों का उद्देश्य छात्रों को केवल शैक्षणिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें स्किल्ड (कुशल) और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि भविष्य में वे रोजगार या स्वरोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
सरकार की ओर से शुरू किए जा रहे इन वोकेशनल कोर्सों में रिटेल, आईटी, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, पर्यटन सहित कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार स्कूलों में कोर्स चुनने की सुविधा भी मिलेगी, जिससे वे अपनी पसंद और करियर लक्ष्य के हिसाब से कौशल विकसित कर सकें।
सरकार का मानना है कि कौशलयुक्त युवा ही आत्मनिर्भर हरियाणा की मजबूत नींव बनेंगे। इस पहल से न केवल विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

