खिलाड़ियों के हित में हरियाणा सरकार ने स्पोर्ट्स ग्रेडेशन पॉलिसी में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है, जिससे सालाना 4500 एथलीटों को सरकारी रोजगार का लाभ मिलेगा।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने खिलाड़ियों के हित में स्पोर्ट्स ग्रेडेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। नई अधिसूचना के तहत अब राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर पहले की तुलना में अधिक बढ़ जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि संशोधित नीति का लाभ हर वर्ष करीब 4,500 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की पात्रता और मान्यता को अधिक स्पष्ट किया गया है। अब हरियाणा स्टेट गेम्स, हरियाणा स्टेट महिला खेल, हरियाणा स्टेट खेल महाकुंभ तथा हरियाणा स्टेट ग्रामीण एवं पंचायत खेलों को भी स्पष्ट रूप से श्रेणी-13 में शामिल किया गया है। इन प्रतियोगिताओं के आयोजन और मान्यता के लिए संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं, जिससे खिलाड़ियों को ग्रेडेशन प्रमाणपत्र प्राप्त करने में पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं प्रतियोगिताओं को मान्यता मिलेगी, जिन्हें भारतीय ओलंपिक संघ, संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ या अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं की स्वीकृति प्राप्त होगी। संशोधित अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था 1 नवंबर 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।
हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष कैप्टन भीम सैनी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि नई ग्रेडेशन पॉलिसी से खिलाड़ियों को उनके पदकों के आधार पर सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर मिलेंगे। राज्य स्तर के पदक विजेता अब चतुर्थ श्रेणी, राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता तृतीय श्रेणी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों के लिए पात्र होंगे। सरकार का मानना है कि यह बदलाव खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा और प्रदेश में खेल संस्कृति को नई मजबूती देगा।

