हरियाणा सरकार ने खेल नर्सरियों में अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की है। 10 नर्सरियों को बंद कर कोचों और अधिकारियों को चेतावनी दी गई है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में खेल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश की खेल नर्सरियों में सामने आई अनियमितताओं पर बड़ा फैसला लेते हुए मंत्री ने नियमों की अनदेखी कर संचालित की जा रही 10 खेल नर्सरियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही लापरवाही बरतने वाले खेल अधिकारियों और कोचों को भी साफ चेतावनी दी गई है कि अब किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।

दरअसल, हाल ही में खेल राज्य मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेशभर की राजकीय स्कूलों और पंचायतों के तहत संचालित खेल नर्सरियों की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। विभागीय रिपोर्ट सामने आने के बाद कई जगह गंभीर खामियां मिलीं, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई। बंद की गई नर्सरियों में मुख्य रूप से नूंह, यमुनानगर, हिसार और भिवानी जिले शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि कई खेल नर्सरियों में खेल उपकरणों का भारी अभाव था, खिलाड़ियों के लिए जरूरी बुनियादी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, खेल मैदानों की स्थिति खराब मिली और रिकॉर्ड में दर्ज खिलाड़ियों की संख्या तथा मैदान में मौजूद खिलाड़ियों की वास्तविक संख्या में भारी अंतर पाया गया। नूंह के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल की तीन, यमुनानगर के तेजली स्थित शहीद परमिंद्र सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में साइक्लिंग की एक, हिसार के आर्य नगर व गंगवा क्षेत्र की बॉक्सिंग और फुटबॉल नर्सरियों समेत मसूदपुर पंचायत की फुटबॉल नर्सरियों तथा भिवानी में बॉक्सिंग व वॉलीबॉल नर्सरी को बंद किया गया है।

खेल मंत्री गौरव गौतम ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल यहीं तक सीमित नहीं रहेगी। प्रदेश में संचालित अन्य खेल नर्सरियों की भी गहन जांच करवाई जा रही है और भविष्य में कहीं भी लापरवाही या नियमों की अनदेखी मिली तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होगी। उन्होंने खेल उपनिदेशकों और कोचों को भी सख्त लहजे में चेताया कि खेल नर्सरियों के आवंटन और निरीक्षण में किसी भी स्तर की ढिलाई पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जाए।

मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है। सरकार अभी से “ओलंपिक 2036” मिशन की तैयारी में जुटी है और लक्ष्य रखा गया है कि हरियाणा के खिलाड़ी देश के लिए कम से कम 36 पदक जीतकर नया इतिहास रचें। इसके लिए जमीनी स्तर पर खेल नर्सरियों को पारदर्शी और विश्वस्तरीय बनाना बेहद जरूरी है।