कनाडा में हरियाणा के 24 वर्षीय होनहार वॉलीबॉल खिलाड़ी राकेश कुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। शव भारत लाने में कानूनी पेचीदगियों के चलते परिजनों को भारी मन से कनाडा में ही उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा।
कैथल। हरियाणा के कैथल जिले के चूहड़माजरा गांव के होनहार और युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी राकेश कुमार की कनाडा में हार्ट अटैक से मौत हो गई। महज 24 वर्ष की उम्र में हुई इस असामयिक मौत से पूरे गांव और खेल जगत में शोक की लहर है। कई राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में अपनी टीम को जीत दिलाने वाले राकेश के निधन के बाद परिवार की इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाए, लेकिन कानूनी औपचारिकताओं के चलते यह संभव नहीं हो सका। आखिरकार निधन के 12 दिन बाद कनाडा में ही उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा।
राकेश के चाचा कृष्ण कुमार ने बताया कि परिवार चाहता था कि बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाया जाए ताकि माता-पिता अंतिम दर्शन कर सकें और गांव में ही पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार हो। लेकिन जानकारी लेने पर पता चला कि कनाडा से शव भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में करीब 40 से 45 दिन लग सकते थे। इतनी लंबी प्रतीक्षा और अन्य व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए परिवार ने भारी मन से कनाडा में ही अंतिम संस्कार कराने का फैसला लिया।
परिजनों के अनुसार राकेश कुमार और उनके बड़े भाई साहिल दोनों कनाडा में रहकर वहीं की नागरिकता प्राप्त कर चुके थे और वहीं बस गए थे। जबकि उनके माता-पिता आज भी चूहड़माजरा गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में मातम का माहौल है।
राकेश के अंतिम संस्कार की सभी रस्में कनाडा में पूरी कर दी गई हैं। अब उनके बड़े भाई साहिल और चचेरे भाई रोहित अस्थियां लेकर चूहड़माजरा गांव पहुंचेंगे। गांव में उनकी आत्मिक शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान और शोक सभा का आयोजन किया जाएगा।
राकेश कुमार अपने खेल कौशल और शांत स्वभाव के कारण क्षेत्र में अच्छी पहचान रखते थे। उनकी असमय मौत से गांव के लोगों, खिलाड़ियों और परिचितों में गहरा दुख है। कई लोगों ने इसे खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक व्यक्त किया।

