हरियाणा के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के दौरान पीने के पानी की घोर किल्लत पर कड़ा रुख अपनाते हुए कैबिनेट मंत्री ने लापरवाह अफसरों पर निलंबन की गाज गिराई है।
चंडीगढ़। हरियाणा में भीषण गर्मी के मौसम के बीच लगातार गहराते पीने के पानी के गंभीर संकट को लेकर अब राज्य सरकार पूरी तरह से सख्त तेवर में नजर आ रही है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने आम जनता की इस बुनियादी समस्या के समाधान में घोर लापरवाही और कोताही बरतने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर कानूनी चाबुक चलाते हुए आज एक बहुत बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। सरकार के उच्च स्तर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर जनता को राहत न पहुंचाने के कारण मंत्री ने यह तुरंत फैसला लिया है। इस कड़े कदम से पूरे जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग सहित अन्य सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कार्यक्षेत्र में घोर लापरवाही बरतने के प्रमाणित आरोपों के तहत हांसी और चरखी दादरी जिलों में तैनात दो उप-मंडल अधिकारियों (SDO) और दो कनिष्ठ अभियंताओं (JE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड यानी निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, आदमपुर क्षेत्र के संबंधित जेई और एसडीओ के खिलाफ भी बेहद सख्त विभागीय कदम उठाते हुए उन्हें आधिकारिक रूप से नियम के तहत चार्जशीट थमा दी गई है। इस त्वरित कार्रवाई के जरिए प्रदेश सरकार ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को यह एक बहुत ही स्पष्ट और कड़ा संदेश दे दिया है कि आम जनता को पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं देने में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
मूलभूत जनसुविधाएं देने की प्रतिबद्धता
राज्य में भीषण गर्मी के इस दौर में लगातार बढ़ रही पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार अब पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उच्च अधिकारियों को सभी क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री रणबीर गंगवा ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि किसी क्षेत्र से जनता की शिकायतों की अनदेखी करने या पानी के वितरण में लापरवाही बरतने की कोई सूचना मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ इससे भी अधिक कठोर कदम उठाए जाएंगे। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर नागरिक तक समय पर स्वच्छ पानी पहुंचाना है।

