HDFC Bank Share Price: बिजनेस डेस्क. एचडीएफसी बैंक के शेयरों में शुक्रवार यानी 28 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में सुस्ती रही। कारोबार के दौरान शेयर गिरकर 706.35 रुपये तक पहुंच गया, जो इसका एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
हालांकि निचले स्तर से शेयर ने रिकवरी की और बीएसई पर फिलहाल 0.32% की बढ़त के साथ 714.30 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इंट्रा-डे में यह 0.47% बढ़कर 715.25 रुपये तक भी पहुंचा।
शेयर में कमजोरी के बीच वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने एचडीएफसी बैंक पर अपनी आउटपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 1,150 रुपये तय किया है। यानी मौजूदा स्तर से इसमें अच्छी तेजी की संभावना जताई गई है।
CEO को लेकर क्यों दबाव में है शेयर?
एचडीएफसी बैंक के शेयर पर सबसे बड़ा दबाव फिलहाल बैंक के अगले CEO को लेकर बनी अनिश्चितता का है। मौजूदा CEO शशि जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। ऐसे में बैंक के पास नए CEO के नाम पर फैसला करने के लिए करीब दो महीने का समय बचा है।
मैक्वेरी के मुताबिक बैंक की NRC यानी नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी संभावित उम्मीदवारों पर विचार करेगी और एक नाम चुनकर बोर्ड के पास भेजेगी। इसके बाद बोर्ड की मंजूरी मिलने पर नाम को अंतिम मंजूरी के लिए RBI के पास भेजा जाएगा।
ब्रोकरेज के अनुसार हाल के मामलों में RBI को बोर्ड से भेजे गए नाम पर फैसला लेने में करीब 30 से 45 दिन लगे हैं। इसी वजह से CEO नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
पहला विकल्प: शशि जगदीशन को 6 महीने का एक्सटेंशन
मैक्वेरी ने CEO को लेकर दो संभावनाएं बताई हैं। पहली संभावना यह है कि शशि जगदीशन को सिर्फ 6 महीने का विस्तार दिया जाए।
अगर ऐसा होता है तो इसका संकेत यह हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला CEO बनाने पर विचार कर रहा है और नए उम्मीदवार की तलाश तथा RBI की मंजूरी के लिए अतिरिक्त समय चाहता है।
इस स्थिति में CEO को लेकर अनिश्चितता कुछ और समय तक बनी रह सकती है। नए CEO को बैंक की जिम्मेदारी संभालने और अपनी रणनीति लागू करने में भी समय लगेगा। इससे शेयर पर दबाव आगे भी बना रह सकता है।
दूसरा विकल्प: पूरे 3 साल का नया कार्यकाल
मैक्वेरी की दूसरी संभावना शशि जगदीशन को पूरे 3 साल का नया कार्यकाल देने की है।
ब्रोकरेज का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो CEO को लेकर मौजूदा अनिश्चितता तुरंत खत्म हो जाएगी। इससे शेयर को मौजूदा स्तरों पर सपोर्ट मिल सकता है। इसके बाद शेयर की दिशा मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स और वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
10 महीने में 30% से ज्यादा टूटा शेयर
एचडीएफसी बैंक के शेयर में पिछले करीब 10 महीनों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 23 अक्टूबर 2025 को शेयर ने 1,020.35 रुपये का एक साल का रिकॉर्ड हाई बनाया था।
इसके बाद शेयर लगातार दबाव में आया और 28 अगस्त 2026 को इंट्रा-डे में 706.35 रुपये के एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। यानी अपने रिकॉर्ड हाई से यह करीब 30.77% नीचे आ चुका है।
हालांकि अब मैक्वेरी की आउटपरफॉर्म रेटिंग और 1,150 रुपये के टारगेट प्राइस ने निवेशकों का ध्यान फिर इस शेयर की ओर खींचा है। CEO को लेकर फैसला अब शेयर की अगली दिशा के लिए अहम ट्रिगर माना जा रहा है।
नोट: ब्रोकरेज का टारगेट अनुमान है, गारंटी नहीं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।
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