सतीश दुबे, डबरा। एमपी की डबरा की देहात थाना पुलिस ने चोरी के शक में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान पुलिस के टॉर्चर से आशाराम परिहार की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद आनन-फानन में उसे एंबुलेंस से ग्वालियर इलाज के लिए भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही परिजनों ने थाने के बाहर जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाते हुए जमकर गलियां दी। इस दौरान पीड़ित परिवार और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। परिजन की मांग थी कि थाने में बंद दोनों युवकों से उन्हें मिलने दिया जाए।

बता दें कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे पुलिस को कंचनपुर रोड पर बिजली के केबल काटने की शिकायत मिली थी। सूचना पर सिमरिया गांव के तीन युवक अरुण कुशवाह, गोपाल परिहार और आशाराम को पकड़ा था। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में बिना FIR दर्ज किए पूछताछ के लिए उन्हें टॉर्चर किया जिसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। बताया गया है कि आशाराम पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त था। जब पुलिस ने उस पर दबाव बनाया तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। 

परिजनों का आरोप था कि तीनों ही युवक एक शादी समारोह में गए थे। जिन्हें पुलिस ने रास्ते से गिरफ्तार कर लिया और जबरन चोरी का आरोपी बनाने के लिए मारपीट की। 24 घंटे तक कोई FIR भी दर्ज नहीं की गई। वहीं अब एक युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद हुए हंगामे को देखते हुए पुलिस बैकफुट पर आ गई है और अन्य दो युवक अरुण कुशवाह और गोपाल परिहार का मेडिकल कराने के बाद छोड़ दिया।

एसडीओपी सौरभ कुमार ने कही ये बात

मामले में एसडीओपी सौरभ कुमार ने बताया कि जिन लोगों ने तीनों युवकों को पकड़वाया था उनके द्वारा कोई FIR दर्ज नहीं कराई गई। इसलिए मामला दर्ज नहीं हुआ। पूछताछ के दौरान एक युवक आशाराम की तबियत बिगड़ गई। उसे मिर्गी जैसी बीमारी की पहले से ही शिकायत थी। फिलहाल उसे ग्वालियर इलाज के लिए भेजा है जहां उसकी तबीयत अब ठीक है। परिजन चाहते हैं कि पुलिस अभिरक्षा में अन्य दो युवकों को रखा है उन्हें छोड़ जाए। जिस पर मेडिकल कराया जा रहा है। बयान दर्ज कर उन्हें छोड़ दिया जाएगा। इस दौरान एसडीओपी ने किसी भी तरह की मारपीट से साफ इनकार किया है।

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